
नई दिल्ली। भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान छेड़ चुकी मोदी सरकार ने केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क बोर्ड ( CBIC ) के अधिकारियों पर बड़ी कार्रवाई कर दी है।
सरकार ने बड़ा फैसला लेते हुए CBIC के 20 से अधिक वरिष्ठ अफसरों को जबरन रिटायरमेंट ( Compulsory Retirement ) दे दिया है।
आपको बता दें कि केंद्र सरकार सरकारी विभागों में फैले भ्रष्टाचार पर कड़ी कार्रवाई कर रही है। इस दौरान आरोपी अफसरों को को विभाग से निकाला जा रहा है।
एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार CBIC ने अपने 22 सीनियर आॅफिसर्स को जबरन रिटायरमेंट दिया है। सूत्रों के अनुसार जिनको सेवानिवृति दी गई है, उनमें सभी सुपरिटेंडेंट और एओ रैंक के अफसर हैं।
आपको बता दें कि ऐसा पहली बार नहीं है, जब ऐसे अधिकारियों को जबरन रिटायरमेंट पर भेजा गया हो। इससे पहले भी जून में 15 सीनियर्स को CBIC से निकाल दिया गया था।
CBIC से निकाले गए ये सभी अधिकारी प्रधान आयुक्त, आयुक्त, और उपायुक्त दर्ज के थे। इन अधिकारियों से पर भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी जैसे गंभीर आरोप लगे थे।
इससे पहले देश की नई वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने भी कर विभाग के 12 सीनियर्स पर कार्रवाई करते हुए उनको जबरन रिटायरमेंट पर भेज दिया था।
सरकारी आंकड़ें के अनुसार अब जबरन रिटायरमेंट पर भेजे गए अधिकारियों की संख्या 49 के आसपास हो गई है।