
नई दिल्ली। जम्मू-कश्मीर ( jammu kashmir ) में आतंक के सफाए के लिए भारतीय सुरक्षा बलों ( Indian Security Forces ) के ऑपरेशन का असर दिखने लगा है। मोदी सरकार ने दावा किया है कि घाटी में घुसपैठ और आतंकी वारदात में पिछले साल की तुलना में जबरदस्त कमी आई है। केंद्रीय गृह राज्य मंत्री जी किशन रेड्डी ( G Kishan Reddy ) ने इस संबंध में संसद में बयान दिया है।
संसद में छह महीने का रिपोर्ट कार्ड
केंद्र सरकार ने बताया कि पिछले साल की तुलना में इस साल के शुरूआती छह महीने में आतंक से जुड़े लगभग सभी मामलों में कमी आई है। वहीं आतंकियों के खात्मे की रफ्तार में गजब का इजाफा हुआ है। ये सबकुछ आतंक पर लगाम लगाने की दिशा में देखा जा रहा है।
तेजी से मारे जा रहे हैं आतंकी
जी किशन रेड्डी ने कहा जम्मू-कश्मीर में आतंकी वारदात में 28 प्रतिशत की कमी आई है। वहीं घुसपैठ की घटनाएं भी 43 प्रतिशत कम हुईं। घाटी के युवाओं को पाकिस्तानी आतंकी बरगला कर संगठन में भर्ती करते थे, इसमें भी 40 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है। इन सबके बाद जम्मू कश्मीर में पिछले 6 महीने के आतंकियों के खात्मे की रफ्तार में 22 प्रतिशत का इजाफा देखने को मिला है।
| आतंक पर सुरक्षाबलों ने कसी लगाम | |
| आतंकी वारदात | 28% की कमी |
| घुसपैठ की घटना | 43% की कमी |
| आतंकियों की भर्ती | 40% की कमी |
| आतंकियों का खात्मा | 40% की बढ़ोतरी |
गृह मंत्रालय का मानना है कि सुरक्षाबलों को मिले फ्री हैंड और आंतक पर केंद्र सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति ने आतंकी संगठनों की जड़े हिला दी हैं। कुछ समय पहले खबर आई थी कि घाटी में आतंकी सगंठनों को अब कमांडर तक नहीं मिल रहे हैं।