देश के सात राज्यों ने कूदरत ने बरपाया कहर, भारी बारिश के चलते अब तक 700 से ज्यादा लोगों की मौत, कई लाख लोग हुए प्रभावित।
नई दिल्ली। देशभर में मानसून का कहर जारी है। पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी इलाकों तक हर जगह भारी बारिश और भूस्खलन ने तबाही मचा रखी है। देशभर में अब तक मानसून की वजह से 700 से ज्यादा मौतें हो चुकी हैं। मानसून की वजह से सबसे ज्यादा मौत उत्तर प्रदेश में हुई हैं। खास बात यह है कि अब भी मानसून की रफ्तार रुकी नहीं है। मौसम विभाग के मुताबिक आने वाले तीन दिन देश के कई राज्यों में जोरदार बारिश होगी। वहीं तटीय इलाकों में तूफान की भी आशंका जताई गई है।
उत्तराखंड में तीन दिन का हाई अलर्ट
उत्तराखंड में मौसम विभाग ने एक बार फिर भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग की मानें तो 11, 12 और 13 अगस्त को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो सकती है। अगले 72 घंटे प्रदेश के सात जिलों के लिए मुसीबत बन सकते हैं। जिन जिलों को लेकर चेतावनी दी गई है उनमें देहरादून, टिहरी, पौड़ी, नैनीताल , पिथौरागढ़, चंपावत और यूएसनगर शामिल हैं। मौसम विभाग ने इस दौरान स्थानीय निवासियों से सतर्क रहने की अपील की है। वहीं प्रदेश में आने वाले पर्यटकों को भी अलर्ट किया गया है।
700 तीर्थयात्री भी फंसे
उत्तराखंड के गंगोत्री राजमार्ग पर भारी भूस्खलन के कारण 700 तीर्थयात्री फंस गए। यह भूस्खलन उत्तरकाशी से 55 किलोमीटर दूर हुआ। 700 कांवड़ियों को वैकल्पिक मार्ग से ले जाया गया है। चौहान और अन्य अधिकारियों को भूस्खलन से १५ किलोमीटर दूर सुरक्की गांव जाना पड़ा।
मानसून के चलते अब तक 718 मौत
गृह मंत्रालय के मुताबिक सात राज्यों में बाढ़ और बारिश से जुड़ी घटनाओं में इस मानसून में अब तक 718 लोगों की मौत हो चुकी है। राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया केंद्र (एनईआरसी) के मुताबिक सबसे ज्यादा मौत उत्तर प्रदेश में 171, पश्चिम बंगाल में 170, केरल में 178 और महाराष्ट्र में अब तक 139 लोग अपनी जान गवां चुके हैं। इसी तरह गुजरात में 52,असम में 44 और नागालैंड में 8 लोगों की मौत हुई है। करीब 26 लोग बारिश के चलते लापता हैं।