शीत मानसून का दिखने लगा असर, पहाड़ों पर मौसम ने बदला मिजाज तो तटीय इलाकों में भी बारिश कर सकती है परेशान
नई दिल्ली। मौसम रोज अपने मिजाज बदल रहा है। कभी बारिश तो कभी सर्द हवाएं...तो कभी चक्रवात। हर हफ्ते बदलते मौसम के कारण देश के कई इलाकों में अब भी लोगों को परेशानियों का समना करना पड़ रहा है। मौसम विभाग के पूर्वानुमानों के मुताबिक उत्तर पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों में आंधी-तूफान की आशंका बनी हुर्इ है। पश्चिमी हिमालय में वेस्टर्न डिस्टर्बेंस से उत्तर पश्चिम भारत के हिस्से प्रभावित होंगे।
यही नहीं पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटीय इलाके आने वाले एक दो दिन में प्रभावित हो सकते हैं। बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव से बने चक्रवात के असर से बांग्लादेश, श्रीलंका और भारत के तटीय हिस्सों पर सीधा असर पड़ेगा। यहां पर भी तेज हवाओं के साथ हल्की बारिश हो सकती है। इसके अलावा पश्चिमी विक्षोभ की वजह से पूर्वी रजस्थान और आसपास के इलाके प्रभावित होंगे। यहां से लगे हिस्सों में आंधी-तूफान की आशंका भी बनी हुई है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी तेज हवाएं चलने का अनुमान है।
पूर्वोत्तर इलाकों में कोहरे की चादर
मौसम विभाग की माने तो बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव देश के पूर्वोत्तर इलाकों पर सीधा असर डाल सकता है। इसके चलते कई क्षेत्रों जैसे असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में सर्द हवाएं तो चलेंगी ही साथ ही कोहरा भी परेशान करेगा। ये इलाके आने वाले कुछ दिनों तक कोहरे की चादर में लिपटे रहेंगे।
तटीय इलाकों में बरसेंगे बदरा
पहाड़ी इलाकों के अलावा तटीय क्षेत्रों में भी मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। केरल, तमिलनाडु, पुद्दुचेरि, जम्मू और कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, तटीय और आंतरिक कर्नाटक, लक्षद्वीप में बारिश होगी। इसके अलावा ओडिशा, आंध्रप्रदेश के तटीय इलाकों में भी बारिश का असर दिखाई देगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह के साथ रायलसीमा के कुछ स्थानों पर गरज के साथ छींटे पड़ सकते हैं। इसके अलावा पूरे भारत में मौसम शुष्क ही बना रहेगा।