संसद का मानसून सत्र जब से शुरू हुआ है तब से विपक्ष दल लगातार हंगामा कर रहा है। हंगामे के कारण टैक्सपेयर्स के कुल 133 करोड़ रुपए से अधिक पैसे बर्बाद हो चुके हैं।
नई दिल्ली। संसद का मानसून सत्र (Monsoon Session 2021) जब से शुरू हुआ है तब से विपक्ष दल लगातार हंगामा कर रहा है। लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों में विपक्षी पार्टियां पेगासस जासूसी कांड, कृषि कानून, किसान आंदोलन और असम-मिजोरम जैसे मुद्दे को उठाकर सरकार को घेर रही है। विपक्ष के हंगामे के चलते दोनों सदन में बिल्कुल भी काम नहीं हो पा रहा है। इन मुद्दों पर चर्चा की मांग को लेकर पक्ष और विपक्ष के हंगामे के बाद दोनों को बार-बार स्थगित करने का सिलसिला जारी है।
टैक्सपेयर्स के 133 करोड़ रुपए बर्बाद
मानसून सत्र में विपक्ष के हंगामे के कारण सदन नहीं चलने से आम जनता यानी टैक्सपेयर्स के कुल 133 करोड़ रुपए से अधिक पैसे बर्बाद हो चुके हैं। संसद के बाधित होने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अपनी नाराजगी जता चुके हैं। पिछले दिनों पीएम मोदी ने बीजेपी संसदीय दल के नेताओं के साथ बैठक की थी। इस दौरान पीएम मोदी कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा।
107 घंटों में से सिर्फ 18 घंटे ही हुआ काम
एक रिपोर्ट के अनुसार, लोकसभा और राज्यसभा में संभावित 107 घंटों में से केवल 18 घंटे ही काम हुआ। मानसून सत्र के पहले दो हफ्तों में यानी 19 जुलाई से 30 जुलाई तक, लोकसभा को लगभग 54 घंटों में से केवल 7 घंटे ही काम करने की अनुमति दी गई है। वहीं राज्यसभा की बात करें तो 53 में से केवल 11 घंटे काम हुआ है।
दो हफ्तों सिर्फ 38 मिनट चला प्रश्नकाल
राज्यसभा मॉनसून सत्र के दो हफ्तों में 9 बैठकों में एक घंटा 38 मिनट प्रश्नकाल चल पाया है। इसके अलावा एक घंटा 38 मिनट विधायी कार्य हुए इसमें सदस्यों द्वारा शोर-शराबे के बीच चार विधेयकों को पास किया गया। पहले हफ्ते में कोविड-19 पर सदस्यों ने चार घंटे 37 मिनट चर्चा हुई। इसके साथ आईटी मंत्री ने सरकार की तरफ से पेगासस पर अपना पक्ष रखा।