विविध भारत

जकात की मदद से आईएएस आईपीएस बन रहे मुस्लिम युवक-युवतियां

जकात फाउंडेशन ऑफ इंडिया की मदद से अपनी तैयारी करने वाले 26 मुस्लिम युवा आईएएस बन गए हैं।
2 min read
zfi

नई दिल्ली। कहावत है कि जहां चाह है, वहीं राह है। जकात फाउंडेशन ऑफ इण्डिया ने अपने कामों से इस कहावत को साबित किया है। जकात फाउंडेशन ऑफ इंडिया की मदद से अपनी तैयारी करने वाले 26 मुस्लिम युवा आईएएस बन गए हैं। शुक्रवार को आईएएस के फाइनल रिजल्ट से यह जानकारी मिली। बता दें कि पिछले साल की तुलना में इस बार 10 युवा ज्यादा चुने गए हैं। बता दें कि जकात इस्लामी संस्कृति का एक अहम हिस्सा है।

जकात फाउंडेशन ऑफ इण्डिया हर साल कुछ युवकों और युवतियों को को देश की सबसे प्रतिष्ठित सेवा के लिए कोचिंग आदि देने के उद्देश्य से धन आदि से मदद करता है। इस साल जक़ात की मदद से इस सेवा में चुने युवाओं में सबसे अधिक यूपी और केरल से 9-9 युवा हैं। जम्मू-कश्मीर से ३ तथा महाराष्ट्र और बिहार से 2-2 युवा हैं। बताया जा रहा है कि इस साल परिक्षा में जकात फाउंडेशन के माध्यम से सफल होने वाली लड़कियों की संख्या कम है।

आसान नहीं है जकात फाउंडेशन की मदद

सिविल सर्विस परीक्षा की तैयारियों के लिए जक़ात फाउंडेशन की मदद पाना भी बाहर मुश्किल काम है। जक़ात की मदद पाने के लिए पहले सिविल सर्विस प्री परीक्षा स्तर का एक टेस्ट पास करना पड़ता है। इस परीक्षा का आयोजन जक़ात फाउंडेशन ही करता है। इसके लिए देश के जाने मायने विशेषज्ञों से आईएएस स्तर का ही एक पेपर सेट कराया जाता है। ये टेस्ट और और इंटरव्यू आल इंडिया लेवल पर होते हैं। लिखित परीक्षा का पेपर सिविल सर्विस की प्री परीक्षा में आने वाले प्रश्नों के स्तर का होता है। परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों का सिविल सर्विस के रिटायर्ड और सर्विस कर रहे अधिकारियों का पैनल इंटरव्यू लेता है। तब कहीं जा कर जकात फाउंडेशन ऐसे युवक और युवतियों की मदद को राजी होता है।

निर्धारित है सीटों की सीमा

जक़ात फाउंडेशन आईएएस कोचिंग के लिए 50 लड़कों का चुनाव करता है। लड़कियों के लिए सीट की कोई सीमा नहीं है।

Published on:
28 Apr 2018 02:16 pm