
संयुक्त राष्ट्रः संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के सदस्य रोहिंग्या संकट का आकलन करने के लिए बांग्लादेश और म्यांमार के लिए रवाना हो गए हैं। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा परिषद के 15 सदस्यों की समिति बांग्लादेश के लिए उड़ान भरने से पहले शुक्रवार को कुवैत में ठहरी। समिति के सदस्य बांग्लादेश के ढाका और कॉक्स बाजार के शरणार्थी शिविरों का दौरा करेंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक बांग्लादेश में रोहिंग्या शिविरों का दौरा करने के बाद सदस्य सोमवार को म्यांमार की राजधानी नेपीथा पहुंचेंगे। ये सदस्य अगस्त 2017 में शुरू हुई हिंसा से प्रभावित राखिने इलाके का भी दौरा करेंगें जहां से सर्वाधिक शरणार्थियोंको पलायन करना पड़ा। संयुक्त राष्ट्र के एक अनुमान के अनुसार म्यांमार से बांग्लादेश पहुंची रोहिंग्या शरणार्थियों की आबादी 10 लाख से अधिक है।
शरणार्थियों पर संयुक्त राष्ट्र की नजर
संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के प्रवक्ता स्टीफन डुजारिक ने संवाददाताओं को बताया कि जनवरी के बाद से लगभग आठ हजार शरणार्थी बांग्लादेश पहुंचे हैं। उन्होंने कहा, "बांग्लादेश सरकार और वहां के लोगों ने अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के सहयोग से रोहिंग्या शरणार्थियों के प्रति असाधारण उदारता दिखाई है।" डुजारिक ने कहा, "अब तक चार लाख 70 हजार लोगों को भोजन का वितरण किया जा चुका है। जबकि पांच हजार से अधिक ट्यूबवेल और 47,00 शौचालय बनाए गए हैं और 90 हजार से अधिक बच्चों को प्राथमिक स्कूली शिक्षा मुहैया कराई गई है। स्टीफन डुजारिक ने बताया कि मानवीय सहायता साझेदारों ने जमीनी स्तर पर पीड़ितों को यौन हिंसा से बचाने और उनकी मदद के लिए सुरक्षा निगरानी मिशनों का संचालन किया है और आगामी चक्रवात और मॉनसून सीजन को देखते हुए तैयारियां शुरू कर दी हैं।
रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा भड़की थी हिंसा
दरअसल पिछले साल अगस्त में रखाइन में सेना की चौकियों पर आतंकी हमले के बाद रोहिंग्या मुस्लिमों के खिलाफ हिंसा भड़की थी। म्यांमार की सेना पर रोहिंग्या मुस्लिमों पर बर्बर कार्रवाई का आरोप लगा था जिसे म्यांमार ने इनकार कर दिया था।
Published on:
28 Apr 2018 12:51 pm
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