
बेरियून : तमाम अंतरराष्ट्रीय कोशिशों के बावजूद रोहिंग्या मुसलमानों पर से मुसीबत कम होने का नाम नहीं ले रही है। वह जान बचाने के लिए दर बदर भटक रहे हैं। म्यांमार से जान बचा कर भागा ऐसा ही एक जत्था पिछले 9 दिनों से समुद्र में फंसा था। इसे इंडोनेशिया के पास बचा लिया गया है।
जत्थे में 8 बच्चे 25 महिलाएं थीं शामिल
मिली जानकारी के अनुसार, इस जत्थे में 76 लोग थे। इन जत्थे में 8 बच्चे, 25 महिलाएं समेत कुल 76 लोग शामिल थे। इंडोनेशिया के जल क्षेत्र से बचाए गए इन 76 रोहिंग्या मुस्लिमों के जत्थे में से एक व्यक्ति ने बताया कि म्यांमार से जान बचा कर भागने के बाद पिछले 9 दिनों से वे एक लकड़ी की नाव में सवार समुद्र में भटक रहे थे। उन्हें कोई रास्ता नहीं सूझ रहा था। वे लोग जीवन की उम्मीद छोड़ चुके थे। उनका मकसद किसी तरह मलेशिया पहुंचना था, लेकिन समुद्र में दिशा का ज्ञान नहीं होने के कारण वे रास्ता भटक गए। लेकिन संयोग से इंडोनेशियाई मछुआरों के एक दल ने उन्हें देख लिया और वे लोग शुक्रवार को उन्हें सुरक्षित बचा कर सुमात्रा द्वीप के एकेह प्रांत के तट पर ले आए।
इससे पहले भी म्यांमार से भागने की कर चुके थे दो कोशिश
इस जत्थे ने बताया कि वह अपनी जान बचाने के लिए समुद्री रास्ते से म्यांमार छोड़ने के लिए एक महीने में यह उनका तीसरा प्रयास था। पिछली दो कोशिश में उन्हें सफलता हाथ नहीं लगी थी। इस बार भी वह समुद्र में बुरी तरह फंस गए थे। उनका बचना चमत्कार ही है। सुमात्रा के स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि इनमें से कई लोग निर्जलीकरण और थकान से गुजर रहे हैं। इन्हें इलाज की जरूरत है।
भागने के प्रयास में कई रोहिंग्या गंवा चुके हैं जान
बता दें कि म्यांमार में अपने साथ हो रहे अत्याचार की वजह से वहां जान बचा कर रोहिंग्या मुसलमानों का भागना लगातार जारी है। इस प्रयास में कई रोहिंग्या मुसलमान अपनी जान गंवा चुके हैं। इनमें से ज्यादातर रोहिंग्या मुसलमानों ने बांग्लादेश में शरण ले रखी है। संयुक्त राष्ट्र भी रोहिंग्या मुसलमानों के पलायन को एक बड़ी समस्या मान रहा है और उनकी स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने की कोशिश में लगा हुआ है। दूसरी तरफ म्यांमार से उनका पलायन रूक नहीं रहा है।
Published on:
21 Apr 2018 05:09 pm
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