Narada Case में टीएमसी के चारों नेताओं को लेकर कलकत्ता हाईकोर्ट ने दिया बड़ा आदेश
नई दिल्ली। नारदा स्टिंग ऑपरेशन ( Narda Case ) मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। दरअसल इस मामले में गिरफ्तार किए गए ममता बनर्जी ( Mamata Banerjee ) के दो मंत्री समेत चार नेता हाउस अरेस्ट रहेंगे।
आपको बता दें कि सीबीआई (CBI) ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दो मंत्रियों और एक विधायक के साथ पार्टी के पूर्व नेता को सोमवार को गिरफ्तार किया था।
'नारद घोटाले' में फंसे ममता सरकार के दो मंत्रियों, एक विधायक और एक पूर्व नेता को जमानत नहीं मिल सकी है। शुक्रवार को कलकत्ता हाईकोर्ट में इस मामले की सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी एकमत नहीं हो सके। अब इस मामले में सुनवाई बड़ी पीठ करेगी।
इस वजह से दिया नजरबंद करने का आदेश
कलकत्ता हाईकोर्ट (Calcutta High Court) के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश राजेश बिंदल और न्यायमूर्ति अरिजीत बनर्जी की पीठ मामले की सुनवाई कर रही है। सुनवाई के दौरान जस्टिस रिजीत बनर्जी अंतरिम जमानत देने के लिए सहमत थे, लेकिन जस्टिस राजेश बिंदल जमानत के खिलाफ थे।
पीठ इस मामले पर बंटी हुई थी, इसलिए जब तक मामले की सुनवाई बड़ी पीठ नहीं करती है, तब तक टीएमसी नेताओं के नजरबंद रखने का आदेश दिया गया।
आपको बता दें कि विधायकों की जमानत के अलावा केस दूसरी जगह ट्रांसफर करने के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट में लगातार दो दिन से सुनवाई टल रही थी।
इससे पहले बुधवार और फिर गुरुवार को सुनवाई नहीं हो सकी थी। इसके बाद मंत्री फिरहाद हाकिम और सुब्रत मुखर्जी के अलावा टीएमसी विधायक मदन मित्रा और पूर्व टीएमसी सोवन चटर्जी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया था।
ये है पूरा मामला
दरअसल वर्ष 2014 में बंगाल के एक पत्रकार ने तृणमूल कांग्रेस के कुल 12 नेताओं का स्टिंग ऑपरेशन ( Sting Operation ) किया था।
इनमें उस समय के 7 सांसद, ममता बनर्जी सरकार के 4 मंत्री और TMC का एक विधायक शामिल था।
आरोप है कि ये सभी नेता स्टिंग ऑपरेशन में 5-5 लाख रुपए की रिश्वत लेते हुए पकड़े गए थे।
2016 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सामने आए टेप
स्टिंग ऑपरेशन का ये टेप वर्ष 2016 में पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव से महज कुछ पहले सार्वजनिक हुए थे। कलकत्ता हाई कोर्ट ने मार्च 2017 में इस मामले की सीबीआई जांच का आदेश दिया था।
इन 12 आरोपियों में शुवेंदु अधिकारी और मुकुल रॉय का नाम भी शामिल है, जो पहले TMC में थे लेकिन अब बीजेपी में आ गए हैं।