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चुनाव से पहले मोदी कैबिनेट का बड़ा तोहफा, मंदी में भी किसानों को मिलेगा न्यूनतम समर्थन मूल्य का लाभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट ने आज 'प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण योजना' (PM-AASHA), किसानों को फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करने के लिए नई कृषि नीति को मंजूरी दी है।
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Sep 12, 2018
modi
चुनाव से पहले मोदी कैबिनेट का बड़ा तोहफा, मंदी में भी किसानों को मिलेगा न्यूनतम समर्थन मूल्य

नई दिल्ली। लोकसभा चुनाव से ठीक पहले मोदी सरकार ने किसानों के हक में बड़ा फैसला किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट ने आज 'प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण योजना' (PM-AASHA), किसानों को फसल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) सुनिश्चित करने के लिए नई कृषि नीति को मंजूरी दी है। इसके अलावा देश में 4 नए नेशनल डिजाइनिंग इंस्टीट्यूट समेत कई योजनाओं को मोदी मंत्रिमंडल ने मंजूरी दी है।

मंदी में भी नहीं घटेगी किसानों की आय

न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के तहत अब देश के किसानों को हर साल रबी और खरीफ की 23 तरह की फसलें समर्थन मूल्य के तहत आएंगी। एमएसपी नीति के तहत तिलहन की खेती करने वाले किसानों को कम कीमत मिलने यानि के मंदी के दौर में पर सरकार इसकी भरपाई करेगी। इस साल के बजट में केंद्र सरकार ने ऐलान किया था कि जल्द ही वह एमएसपी लागू करेगी। कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने बैठक के बाद कहा कि खरीफ सीजन के दौरान राज्य सरकारें भावान्तर योजना के तहत दलहनी फसलों की खरीद कर सकेंगी । उन्होंने कहा कि इस वर्ष फसलों की खरीद के लिए बैंक गारंटी देने के वास्ते 16550 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है । उन्होंने बताया कि राज्यों में पायलट परियोजना के रुप में निजी खरीद स्टाकिस्ट योजना के तहत भी अनाजों की खरीद की जाएगी ।

इथेनॉल के इस्तेमाल को देंगे बढ़ावा

सरकार ने चीनी उत्पादन को हतोत्साहित करने और गन्ने से सीधे इथेनॉल उत्पादन करने के लिए मिलों को बढ़ावा देने के लिए गन्ने से शत-प्रतिशत इथेनॉल बनाने वाली मिलों को 59.19 रुपए प्रति लीटर कीमत देने की घोषणा की है। तेल एवं प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बैठक के बाद बताया कि जो कंपनियां गन्ने के रस से चीनी का उत्पादन किए बिना सीधे शत-प्रतिशत इथेनॉल बनाएंगी उन्हें प्रति लीटर 59.19 रुपए की कीमत दी जाएगी। इससे देश में इथेनॉल का उत्पादन बढ़ेगा। वर्तमान व्यवस्था के तहत पेट्रोल में 10 प्रतिशत तक इथेनॉल मिलाया जा सकता है। सरकार का लक्ष्य इथेनॉल का इस्तेमाल बढ़ाकर कच्चे तेल का आयात कम करना है। प्रधान ने कहा कि देश में वर्तमान में भारी मात्रा में चीनी का भंडार है और इस फैसले से गन्ना किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिल सकेगा।

राष्ट्रीय स्तर के होंगे 4 फैशन डिजाइनिंग संस्थान

सरकार ने फैशन डिजाइन का प्रशिक्षण देने वाले चार संस्थानों को राष्ट्रीय महत्व के संस्थानों का दर्जा दिया है। इसके साथ ही राष्ट्रीय फैशन डिजाइन संस्थान विजयवाड़ा का नाम बदलकर राष्ट्रीय फैशन डिजाइन संस्थान अमरावती किया गया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि जिन फैशन डिजाइन संस्थानों को राष्ट्रीय महत्व के संस्थान का दर्जा देने का फैसला किया गया है उनमें आंध्र प्रदेश में विजयवाड़ा, हरियाणा में कुरुक्षेत्र, असम में जोरहाट तथा मध्य प्रदेश के भोपाल में स्थित एनआईडी शामिल हैं।

ब्रॉड गेज लाइनों का होगा पूरा विद्युतीकरण

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में शेष बची सभी ब्रॉड गेज रेल लाइनों का पूरी तरह से विद्युतीकरण करने का फैसला किया है। रेल मंत्री पीयूष गोयल ने बताया कि विद्युतीकरण का काम सभी रेलवे खंडों में बारी बारी से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस फैसले से जहां तेल पर रेलवे की निर्भरता कम होगी वहीं डीजल इंजन से चलने वाली गाड़ियों के कारण होने वाले प्रदूषण से भी मुक्ति मिलेगी। जिन रेल लाइनों का पूरी तरह से विद्युतीकरण नहीं हुआ है और वहां तक पहुंचने से पहले रास्ते में ही बिजली के इंजन को डीजल इंजन में बदलना पड़ता है उन सभी मार्गों का जल्द और प्राथमिकता के साथ विद्युतीकरण किया जाएगा ताकि यात्रा को पूरा करने में कम समय लगे और यात्रा को ज्यादा सुगम और सरल बनाया जा सके। रेल मंत्री ने कहा कि इस फैसले से रेलवे का संचालन आसान होगा, रेल की गति, सुरक्षा और क्षमता बढेगी तथा सेवा गुणवत्ता में महत्वपूर्ण बदलाव आएगा। रेलवे लाइनों के विद्युतीकरण के दौरान 20.4 करोड़ लोगों के लिए रेाजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। उन्होंने कहा कि देश में जब सभी ब्रॉड गेज रेल लाइनों का विद्युतीकरण हो जाएगा तो इससे रेलवे के संचालन में खर्च होने वाले ईंधन से हर साल 13510 करोड़ रुपए की बचत की जा सकेगी।

Published on:
12 Sept 2018 05:22 pm