
नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और आसपास के इलाके पिछले तीन दिनों से जहरीले स्मॉग की चपेट में हैं। जिसकी वजह से लोगों को सांस लेना भी दूभर हो गया है। इसी बीच नासा ऑब्जर्वेटरी ने कुछ ऐसी तस्वीरें जारी की हैं जो परेशान करने वाली है। नासा द्वारा जारी तस्वीरों में दिखाया गया है कि दिल्ली और उत्तर भारत समेत पाकिस्तान के कई इलाके भयानक स्मॉग की चपेट में है। यह तस्वीरें नासा ऑब्जर्वेटरी के मॉडरेट रेजोल्यूशन इमेजिंग स्पेक्ट्रोरेडिओ मीटर (एमओडीआईएस) ने खींची हैं।
पाकिस्तान में भी स्मॉग
नासा की एक दूसरी तस्वीर में एरोसोल ऑप्टिकल डेप्थ यानी हवा में प्रदूषण के कणों को दिखाया जा रहा है। इस तस्वीर में प्रदूषण को चार भागों में बांटा गया है। जिसमें दिल्ली को सबसे ज्यादा स्मॉग वाला बताया गया है। इसके बाद लखनऊ में स्मॉग दिखाई दे रहा है। फिर क्रमश: जयपुर , कानपुर और पटना भी स्मॉग की चपेट में हैं। पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान भी स्मॉग से अछूता नहीं है। लाहौर और आसपास के इलाको में घना स्मॉग है।
पराली और गाड़ी धुएं बना रहे धुंध
नासा की वेबसाइट पर भी इस बात का जिक्र है कि गाड़ियों से निकलने वाले धुएं और खेते में पराली जलाने से निकलने वाला धुआं ही दिल्ली और आसपास इलाके में स्मॉग का जिम्मेदार है।दिल्ली-एनसीआर में मंगलवार की अपेक्षा बुधवार की सुबह और भी ज्यादा खतरनाक रही। धुंध और पॉल्यूशन ने लोगों को खासा परेशान किया। आज दिल्ली और आसपास के इलाकों में हालात बुरे थे।। धुंध, धुंआ और स्मॉग की वजह विजबिलिटी बहुत ही कम थी।
सोमवार तक सभी स्कूल बंद
स्मॉग की वजह से दिल्ली सरकार ने ऐलान किया है कि सभी स्कूलों को रविवार तक बंद रखा जाएगा। अब सोमवार को स्कूल खुलेंगे। दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने बताया कि अगर जरूरी हुआ तो स्कूलों को बुधवार के बाद भी बंद किया जाएगा। स्कूलों में असेंबली समेत आउटडोर एक्टिविटिज को अस्थाई तौर पर बंद करने को कहा है।
ट्रेनें भी लेट
स्मॉग की वजह से 25 से ज्यादा ट्रेनें भी लेट चल रही हैं। जहरीले स्मॉग से जनजीवन अस्त व्यवस्त है।
एनजीटी ने सरकारों को लगाई फटकार
नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) ने दिल्ली एनसीआर में हवा की बेहद खराब गुणवत्ता के लिए दिल्ली, यूपी और हरियाणा सरकार को फटकार लगाई । एनजीटी चेयरपर्सन जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली बेंच ने इन राज्यों से पूछा कि आज की आपात स्थिति से निपटने के लिए आपने कौन-कौन से कदम उठाए हैं । एनजीटी ने 9 नवंबर तक जवाब देने का निर्देश दिया है । एनजीटी ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया कि वो ये बताए कि उसने अपने अधिकारों क इस्तेमाल करते हुए क्या आपात निर्देश जारी किए ।