Modi Cabinet की बैठक में मिली राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को मंजूरी देश में NPR की शुरुआत अप्रैल और सितंबर 2020 के बीच लागू हो जाएगी NPR असम को छोड़कर देश के अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगा
नई दिल्ली।केंद्रीय मंत्रिमंडल ( Modi Cabinet ) की मंगलवार को हुई बैठक में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (NPR) को मंजूरी दे दी गई। देश में NPR की शुरुआत अप्रैल और सितंबर 2020 के बीच लागू हो जाएगी। खास बात यह है कि NPR असम को छोड़कर देश के अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगा। हालांकि जनगणना ( Census ) का काम असम समेत पूरे देश में होगा। आपको बता दें कि असम को NPR से इसलिए अलग रखा गया है क्योंकि वहां पहले ही राष्ट्रीय नागरिक पंजीकरण का कार्य हो गया है।
एनपीआर को मंत्रिमंडल की मंजूरी
केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंगलवार को हुई बैठक में राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर ( NPR ) को मंजूरी दे दी गई। NPR के संबंध में लोगों को अपनी पहचान बताने के लिए किसी प्रकार के दस्तावेज दिखाने की जरूरत नहीं होगी। केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ( Prakash Javadekar ) ने इस बात की जानकारी देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल ( Modi Cabinet ) की बैठक में निर्णय लिया गया कि अप्रैल 2020 से शुरू होने वाली NPR की प्रक्रिया में लोगों से पहचान बताने के लिए किसी प्रकार के दस्तावेज नहीं मांगे जाएंगे।
दस्तावेज और बायोमेट्रिक की कोई आवश्यकता नहीं
मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि हमें अपने लोगों पर विश्वास है और इसलिए किसी भी प्रमाण, दस्तावेज और बायोमेट्रिक की कोई आवश्यकता नहीं है। जो आप कहेंगे वह सही होगा। सभी राज्यों ने इसे स्वीकार कर अधिसूचित कर लिया है। इस संबंध में राज्यों ने अभियान भी शुरू कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि एनपीआर स्व-घोषणा के आधार पर होगा और केवल हेड काउंट (व्यक्ति की गिनती) पर किया जाएगा। केंद्रीय गृह मंत्रालय के अधीन रजिस्ट्रार जनरल ऑफ इंडिया (RGI) का कार्यालय इसका संचालन करेगा और 2021 की जनगणना के पहले इसे पूरा कर लिया जाएगा।
NPR देश के नागरिकों का एक रजिस्टर
प्रस्ताव के अनुसार, NPR की यह प्रक्रिया सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अप्रैल 2020 से सितंबर 2020 तक पूरी कर ली जाएगी। NPR देश के नागरिकों का एक रजिस्टर है। यह नागरिकता अधिनियम 1955 और 2003 के नागरिकता (नागरिकों का पंजीकरण और राष्ट्रीय पहचान पत्र जारी करना) नियमों के प्रावधानों के तहत स्थानीय (गांव/उप-कस्बे), उप-जिला, जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तैयार किया जा रहा है।