स्वास्थ्य मंत्रालय ने COVID-19 को लेकर तैयारियों की बात की। विभिन्न राज्यों में मौजूदा हालात और तैयारियों का किया जिक्र। देश में कोरोना वायरस वाले सभी इलाकों की पहचान में सक्षम।
नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस का कहर बढ़ता जा रहा है। भारत में अब तक 11,933 लोग COVID-19 पॉजिटिव पाए जा चुके हैं, जिनमें 1344 लोग ठीक होकर या डिस्चार्ज होकर जा चुके हैं, जबकि 392 व्यक्तियों की जानें गई हैं। मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस पर नियंत्रण करने के लिए आगामी 3 मई तक लॉकडाउन 2.0 की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन बुधवार को केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने इसे लेकर बड़ी जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कोरोना वायरस से लड़ाई में आने वाले 2-3 सप्ताह सबसे निर्णायक हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने बुधवार को मीडिया से बातचीत में कोरोना वायरस से जुड़े मुद्दों को लेकर कई जानकारियां दीं। उन्होंने कहा, "भारत दुनिया के उन पहले देशों में शामिल है जिसने चीन में 7 जनवरी को होने वाले पहले कोरोनो वायरस मामले की खबर पर प्रतिक्रिया दी थी। हमने अपने विशेषज्ञ समूह की बैठक में 8 जनवरी को काम करना शुरू किया। 17 जनवरी को हमने स्वास्थ्य परामर्श जारी किए।"
उन्होंने आगे कहा, "भारत के लगभग 400 जिले हैं जहा कोरोना वायरस ने प्रवेश नहीं किया है। हम उन स्थानों को बिल्कुल सटीक ढंग से पहचानने में सक्षम हैं जहां वायरस है।"
इसके अलावा उन्होंने आने वाले वक्त की चुनौती के बारे में जानकारी देते हुए कहा, "अगले 2-3 सप्ताह भारत में विशेष रूप से COVID-19 महामारी से निपटने में सबसे महत्वपूर्ण होने जा रहे हैं।"
वहीं, बिहार को लेकर उन्होंने बताया, "बिहार अभी बहुत परेशानी में नहीं है, लेकिन निश्चितरूप से, महाराष्ट्र थोड़ी परेशानी में है, खासकर मुंबई और कर्नाटक भी। लेकिन मुझे 3 सचिवों का विश्वास देखकर खुशी हुई और खासकर तब जब महाराष्ट्र के सचिव ने भरोसे के साथ 'हम इसका ध्यान रखेंगे'कहा।"
इससे पहले केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुधवार शाम को कहा कि कोरोना वायरस के लगभग 11.41 प्रतिशत रोगी संक्रमण से उबर चुके हैं और कुल 170 जिलों को हॉटस्पॉट के तौर पर चिन्हित किया गया है। जबकि 207 इलाकों की पहचान गैर-हॉटस्पॉट के रूप में की गई है।
स्वास्थ्य मंत्रालय के संयुक्त सचिव लव अग्रवाल ने कहा कि कोरोना वायरस रोगियों की ठीक होने की दर धीरे-धीरे बढ़ रही है और वर्तमान में 11.41 प्रतिशत मरीज बीमारी से उबर चुके हैं।
अग्रवाल ने कहा, हम COVID-19 रोगियों के उपचार के लिए उचित प्रोटोकॉल का पालन करने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। डोर-टू-डोर सर्वेक्षण करने के बाद COVID-19 हॉटस्पॉट और ग्रीन जोन की पहचान की गई है।
अग्रवाल ने कहा कि देशभर में COVID-19 हॉटस्पॉट से निपटने के लिए राज्यों को दिशानिर्देश जारी किए गए हैं और विशेष टीमें नए रोगियों की तलाश करेंगी। उन्होंने जोर देकर कहा कि आवश्यक सेवाओं से संबंधित क्षेत्रों को छोड़कर लोगों के एकत्रित होने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने दोहराया कि अभी तक वायरस सामुदायिक स्तर पर यानी तीसरे चरण में नहीं पहुंचा है। हालांकि कुछ लोग स्थानीय स्तर पर संक्रमित जरूर हुए हैं।