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मस्जिदों से ध्वनि प्रदूषण पर एनजीटी ने बिठाई जांच, प्रदूषण नियंत्रण समितियों को निर्देश

मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकरों पर समय-समय पर उठने वाले सवालों को लेकर अब नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) ने बड़ा कदम उठाया है।
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Updated: 11 Aug 2018, 9:47 AM IST
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मस्जिदों से ध्वनि प्रदूषण पर एनजीटी ने बिठाई जांच, प्रदूषण नियंत्रण समितियों को निर्देश

नई दिल्ली। मस्जिदों में लगे लाउडस्पीकरों पर समय-समय पर उठने वाले सवालों को लेकर अब नेशनल ग्रीन ट्राइब्यूनल (एनजीटी) ने बड़ा कदम उठाया है। इन लाउडस्पीकरों से ध्वनि प्रदूषण होता या नहीं इसकी जांच करने के लिए एनजीटी ने जांच के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही एनजीटी ने दिल्ली सरकार और दिल्ली व केंद्र की प्रदूषण नियंत्रण समितियों को कहा है कि वो इन मस्जिदों की जांच करें। कहा गया कि अगर इन मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकर से वास्तव में ध्वनि प्रदूषण फैला रहे हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करें। आपको बता दें कि ईस्ट दिल्ली की सात मस्जिदों पर लगे लाउडस्पीकरों से ध्वनि प्रदूषण फैलाने के आरोप सामने आए थे।

दरअसल, आंखड भारत मोर्चा नाम की एक एनजीओ ने याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि ईस्ट दिल्ली की सात मजिस्दों में अवैध रूप से लाउडस्पीकरों का इस्तेमाल किया जा रहा है। इन लाउडस्पीकरों से इलाके में ध्वनि प्रदूषण हो रहा है, जिसका लोगों की सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। याचिका में बताया गया कि ये मस्जिदें ऐसे शांत इलाके में हैं, जहां स्कूल और हॉस्पिटल चल रहे हैं। याचिका में इन लाउडस्पीकरों की साउंड लिमिट तय करने की मांग की गई है। याचिका पर एनजीटी अध्यक्ष जस्टिस आदर्श कुमार गोयल की बेंच सुनवाई करते हुए इस मामले की जांच के आदेश दिए। इसके साथ ही दिल्ली जैसे शहर में अब तक प्रदूषण नियंत्रण विभाग की ओर से जांच न की जाने पर हैरानी भी जताई।

याचिका में इन मस्जिदों का जिक्र—

1— जगतपुरी की सुनहरी मस्जिद
2— लक्ष्मी नगर की मस्जिद
3— किशनकुंज स्थित अनार कली मस्जिद
4— न्यू लाहौर शास्त्री नगर स्थित बिस्मिल्लाह मस्जिद
5— शास्त्री नगर के सरोजिनी नायडू पार्क स्थित मस्जिद
6— बिहारी कॉलोनी
7— मधु विहार की मस्जिदें हैं।

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