
नई दिल्ली। निर्भया गैंगरेप केस ( Nirbhaya Gangrape Case ) में चारों दोषियों को फांसी की सजा मिलने के बाद जेल और पुलिस अधिकारी उनके शवों को लेकर पश्चिम दिल्ली स्थित दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ( DDU Hospital ) पहुंच गए हैं। चारों दोषियों के शवों का थोड़ी देर में पोस्टमार्टम होगा। दो एंबुलेंस में चारों दोषियों के शवों को लाया गया है। निर्भया के दोषी मुकेश, विनय, अक्षय और पवन के शव का पोस्टमार्टम ( Postmortem ) डॉक्टर बीएन मिश्रा की अगुवाई में पांच सदस्यीय मेडिकल टीम ( Medical Team ) करेगी।
शवों को अस्पताल ले जाने से पहले जेल अधिकारियों ने तिहाड़ जेल में लॉकडॉउन ( Lockdown ) खत्म कर दिया। सभी जेलों के लॉकअप को खोल दिया गया है। इस दौरान जेल के अंदर सुरक्षा का जिम्मा संभाल रही तमिलनाडु पुलिस ने फ्लैग मार्च ( Flag March ) किया। जानकारी के मुताबिक पोस्टमार्टम के बाद दोषियों के कपड़ों को परिवारवालों को सौंप दिया जाएगा। जेल अधिकारियों ने बताया कि निर्भया के चारों दोषियों ने अंतिम इच्छा जाहिर नहीं की।
चोरों दोषियों के बारे में तिहाड़ जेल प्रशासन ( Tihar Jail Administration ) का कहना है कि उन्होंने जेल में जो पैसे कमाए उसे चारों के परिवारवालों को सौंप दिया जाएगा। इसके अलावा उनके कपड़े और सभी सामान भी परिवारवालों को दिए जाएंगे।
बता दें कि 20 मार्च, सुबह 5.30 बजे तिहाड़ जेल में चारों दोषियों को फांसी देेने के बाद निर्भया को न्याय मिल गया। इस दौरान जेल के अंदर लॉकडाउन रहा। लेकिन तिहाड़ के बाहर जुटे लोग ने इसे बड़ी जीत बताई। वहीं, निर्भया के माता-पिता 20 मार्च का दिन निर्भया दिवस के रूप में मनाने की बात कही।
इससे पहले दोषियों के वकील एपी सिंह ने आखिरी वक्त तक दोषियों को फांसी से बचाने की कोशिश की। देर रात सुप्रीम कोर्ट ने उनकी सभी दलीलों को खारिज कर दी जिसके बाद चारों दोषियों के फांसी का रास्ता साफ हो गया।