
नर्इ दिल्ली। निर्भया के हत्यारे अपनी फांसी टालने के लिए एक-एक कर कानूनी दांव-पेचों का सहारा ले रहे हैं लेकिन उन्हें सूली पर लटकाने वाला शख्स अपनी पूरी तैयारी कर चुका है। एक ओर जहां निर्भया के दोषी सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे पर रहम की आस लगाकर बैठे हैं, वहीं दूसरी ओर तिहाड़ जेल प्रशासन मेरठ के जल्लाद पवन को लाने के इंतजाम कर चुका है। सुप्रीम कोर्ट में बुधवार को चार दोषियों में से एक मुकेश की याचिका पर फैसला आ जाएगा और एक दिन बाद गुरुवार को पवन भी दिल्ली पहुंच जाएगा।
तिहाड़ जेल महानिदेशक संदीप गोयल ने बताया कि गुरुवार को सुबह पवन (जल्लाद) को मेरठ से तिहाड़ जेल पहुंचेगा। सुरक्षा के मद्देनजर यह नहीं बताया जा सकता है कि पवन को कहां रखा जाएगा। हालांकि यह तय है कि पवन को दिल्ली पहुंचते ही सबसे पहले तिहाड़ जेल में स्थित फांसी घर में पहुंचाया जाएगा। ताकि वह इस बात से मुतमईन हो सके कि तिहाड़ जेल ने मुजरिमों को लटकवाने के लिए फांसी घर में जो इंतजाम किए हैं वे दुरुस्त हैं।
जानकारी मुतािबक बताते हैं कि पवन जल्लाद को तिहाड़ जेल की मजबूत और बेहद सुरक्षित जेल-वैन में लाने के लिए कम से कम 15 से 20 हथियारबंद पुलिसकर्मी जाएंगे।
पवन को दिल्ली किस रास्ते से लाया जाएगा यह भी तय हो चुका है। हालांकि, यह रास्ता ऐन टाइम पर बदले जाने की पूरी-पूरी संभावना है। इस संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता है कि पवन जल्लाद को लाने के लिए दिल्ली पुलिस तीसरी वाहनी के साथ तिहाड़ की सुरक्षा में लगी तमिलनाडु स्पेशल पुलिस फोर्स के जवान भी भेज दिए जाएं।
इस आशंका को इससे भी बल मिलता है कि दिल्ली पुलिस थर्ड बटालियन के कुछ जवान एक कुख्यात बदमाश को बीते साल लखनऊ के होटल में मौज-मस्ती कराते-बिरयानी खिलवाते हुए रंगे हाथ पकड़े गए थे। ऐसे में पुलिस वालों पर कम के कम निर्भया के मुजरिमों को टांगने आने वाले जल्लाद को लाने का पूरा-पूरा जिम्मा देना कहीं घातक साबित न हो जाए। इसलिए एहतियात बरती जाएगी।