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Hathras Case: कोर्ट में फिर होगा निर्भया केस के दोनों वकील सीमा और एपी सिंह का सामना, जानें कौन लड़ेगा किसका केस

Hathras Case: वकील एपी सिंह लड़ेगे हाथरस के आरोपियों का केस निर्भया केस के दोषियों का मुकदमा लड़ चुके मुकदमा निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा दिलाने वाली वकील सीमा लड़ेंगी हाथरस पीड़ित परिवार का केस
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Lawyer AP Singh and Seema Kushwah
फिर आमने-सामने होंगे वकील एपी सिंह और सीमा कुशवाह

नई दिल्ली। यूपी के हाथरस ( Hathras Case ) में हुई घटना के बाद विपक्ष ने लगातार सरकार पर हमलावर है। इस बीच जो बड़ी खबर सामने आई है उसके मुताबिक निर्भया केस में दोषियों के वकील एपी सिंह अब हाथरस केस में आरोपियों के वकील के तौर पर केस लड़ेंगे। यही नहीं

निर्भया के दोषियों को फांसी की सजा दिलाने वाली अधिवक्ता सीमा समृद्धि कुशवाहा भी हाथरस में दलित लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में पीड़ित परिवार का मुकदमा लड़ेंगी। यानी कोर्ट में एक बार फिर निर्भया केस के दोनों वकीलों का आमना-सामना होगा।

एक बार फिर कोर्ट में निर्भया मामले के दोनों वकील हाथरस केस में दलीलें देते सुनाई देंगे। निर्भया केस में सभी बलात्कारियों का केस लड़ने वाले वकील एपी सिंह अब हाथरस केस में आरोपियों की तरफ से वकील के तौर पर केस लड़ेंगे।
आरोपियों की वकालत के लिए एपी सिंह को अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा की ओर से वकील नियुक्त किया गया है। वहीं सीमा समृद्धि कुशवाहा भी हाथरस में दलित लड़की के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म और हत्या के मामले में पीड़ित परिवार का मुकदमा लड़ेंगी। इसके लिए पीड़ित परिवार ने भी सहमति दे दी है और जरूरी दस्तावेज पर हस्ताक्षर भी कर दिए हैं।

हाथरस में कथित तौर पर एक दलित युवती के साथ गैंगरेप और उसके बाद शव को परिवार की मनमर्जी के खिलाफ पुलिसवालों की तरफ से जलाने को लेकर जहां लोगों में आक्रोश है तो वहीं दूसरी तरफ सियासी बवाल भी मचा हुआ है।

खास बात यह है कि इस पूरे मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट की तरफ से स्वत: संज्ञान से लेकर सीएम योगी आदित्यानाथ की तरफ से लिए गए एक्शन के बाद भी लोगों का गुस्सा थम नहीं रहा है।

उधर मानवेंद्र सिंह ने जारी किए गए पत्र में कहा है कि अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा पैसे इकट्ठा कर वकील एपी सिंह की फीस भरेगी। हाथरस केस के माध्यम से एससी-एसटी एक्ट का दुरुपयोग करके सवर्ण समाज को बदनाम किया जा रहा है, जिससे खासतौर से राजपूत समाज बेहद आहत हुआ है।

Published on:
06 Oct 2020 09:35 am