
नई दिल्ली। निर्भया रेप मामले ( Nirbhaya rape case ) में मृत्युदंड की सजा पाए चार में से एक दोषी अक्षय की समीक्षा याचिका बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी। सुप्रीम कोर्ट ( Supreme Court ) ने इस याचिका पर सुनवाई करते हुए साफ कहा है कि जांच और ट्रायल के दौरान किसी भी तरह की कोई खामी नहीं थी। ऐसे में अक्षय की याचिका को खारिज कर दिया गया।
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद सबकी नजरें पटियाला हाउस कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं। जहां से चारों दोषियों को डेथ वारंट जारी किया जाएगा। वहीं दोषी अब राष्ट्रपति के यहां दया याचिका दाखिल करेगा।
आपको बता दें कि दोषी अक्षय के वकील ए.पी सिंह ने बताया कि वो क्यूरेटिव पिटीशन दायर करेंगे और इसके साथ ऐसे 17 केस के उदाहरण देंगे जिनमें फांसी को उम्रकैद में बदला गया है।
सिंह ने बताया कि क्यूरेटिव पिटीशन के बाद ही उनकी तरफ से दया याचिका लगाई जाएगी।
दोषी के वकील ए.पी सिंह की तरफ से दया याचिका के लिए तीन हफ्ते का वक्त मांगा है। जबकि सॉलिसिटर जनरल ने कहा कि एक हफ्ते का वक्त मिलता है।