
नई दिल्ली। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) डॉ.वीके पॉल ने कोरोना वैैैक्सीन को लेकर कहा कि इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) ने दोनों वैक्सीनों (कोवैक्सीन और कोविशील्ड) को स्वीकृति और समर्थन दिया है। मैं इसके लिए उनका आभार व्यक्त करता हूं।
एक सवाल पर की कि वैक्सीन लगवाने वाले को कोवैक्सीन या कोविशील्ड में कौन सी वैक्सीन लगाई जाएगी। इस उनका जवाब था कि इसका निर्णय वे खुद कर सकेंगे। राजेश भूषण ने कहा कि कई देशों में एक से अधिक वैक्सीनों का उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिन देशों में ऐसा है वहां वैक्सीन लगवाने वाले को ऐसा कोई विकल्प नहीं दिया जाएगा।
डॉ.पॉल ने कहा कि दोनों वैक्सीनों को आपात उपयोग की अनुमति दी जा चुकी है। इनकी सुरक्षा पर कोई संदेह नहीं होना चाहिए। उन्होंने बताया कि इन वैक्सीनों की सुरक्षा की जांच हजारों लोगों पर की गई है और इसके दुष्प्रभाव नगण्य हैं। उन्होंने कहा कि वैक्सीन से किसी भी तरह का कोई भी दुष्प्रभाव नहीं होने वाला है।
डॉ.पॉल के अनुसार एक टीकाकरण टीम में पांच सदस्य होंगे। इनमें से एक वैक्सीन देने वाला और चार अन्य मदद के लिए होंगे। उन्होंने कहा की टीकाकरण के लिए जनभागीदारी की जरूरत है।