
भुवनेश्वर। गरीबी किसी अभिशाप से कम नहीं होती है। पहले से ही अपनी रोजी-रोटी के लिए घरों से सैकड़ों-हजारों किलोमीटर दूर रहने वाले गरीब मजदूर सुबह से शाम तक जी-तोड़ मेहनत कर अपना और परिवार का पेट पालते हैं, ऊपर से लॉकडाउन ने उनके मुंह का निवाला ही नहीं छीना बल्कि उन्हें मजबूर भी बना दिया। मेहनत के दम पर रोटी-रोटी कमाने वाले अब हाथ फैलाने को मजबूर हैं और इन सबके बीचे कई जगह से ऐसी घटनाएं भी सामने आ रही हैं जो साबित करती हैं कि जिम्मेदार अधिकारी भी इनकी मजबूरी का फायदा उठा रहा हैं।
ऐसे ही मामले इन दिनों ओडिशा से सामने आ रहे हैं। ओडिशा में एक ब्लॉक डेवलपमेंट ऑफिसर (BDO) ने गुजरात के सूरत से राज्य में आने वाले प्रवासी कामगारों के साथ कथित तौर पर दुर्व्यवहार किया, जिसका ऑडियो वायरल हो चुका है।
जानकारी के मुताबिक अंगुल जिले के बनारपाल ब्लॉक के कुछ महिला प्रवासी मजदूर बुधवार सुबह सूरत से ट्रेन से भुवनेश्वर पहुंचे थे। उन्हें दोपहर में जिले के छेंदीपाड़ा ब्लॉक के बारापाड़ा प्राथमिक विद्यालय में एक सरकारी क्वारेंटाइन सेंटर में ले जाया गया।
चूंकि महिला प्रवासी श्रमिक बनारपाल ब्लॉक की थीं, इसलिए उन्होंने छेंदीपाड़ा बीडीओ सुनील कुमार केरकेटा से फोन पर अनुरोध किया कि वे अपने स्वयं के ब्लॉक में एक क्वारेंटाइन सेंटर में रहने की व्यवस्था कर दें। लेकिन केरकेटा ने उनसे कहा कि या तो वहां रुकें या पैदल अपने गांव के लिए रवाना हों।
इस बातचीत का ऑडियो वायरल हो गया है, जिसमें बीडीओ कहते हैं, “मैं तुम्हें संगरोध केंद्र में नहीं लाया। यदि आप उस केंद्र में रहना चाहते हैं जो आप कर सकते हैं, या आप अपने घर जा सकते हैं।”
गौरतलब है कि ओडिशा के एक अन्य बीडीओ द्वारा गुजरात से लौटकर आए प्रवासी श्रमिकों के एक समूह के साथ दुर्व्यवहार और अपमान करने के एक दिन बाद यह बाद ही यह घटना सामने आई है।
इससे पहले बालीपाल बीडीओ छबीरानी साहू ने प्रवासी कामगारों को गालियां दीं और प्रवासी श्रमिकों के पानी मांगने पर उन्हें हड़का भी दिया। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर काफी तेजी से शेयर किया गया था।
ओडिशा के पंचायती राज मंत्री प्रताप जेना ने गुरुवार को कहा कि उन्होंने प्रवासी श्रमिकों के प्रति साहू के कथित दुर्व्यवहार की घटना के जांच के आदेश दिए हैं। जेना ने कहा कि उन्होंने बालासोर जिला कलेक्टर से घटना की जांच करने को कहा है।