जन सुरक्षा कानून (पीएसए) के तहत जम्मू एवं कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की गिरफ्तारी को चुनौती देने वाली याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को फिलहाल उन्हें कोई भी राहत प्रदान नहीं की है।
नई दिल्ली। अनुच्छेद 370 हटने के दौरान से जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और उनके पिता फारूक अब्दुल्ला समेत पीडीपी प्रमुख महबूबा मुफ्ती हिरासत में है। फारूक अब्दुल्ला के परिवार ने अब सुप्रीम कोर्ट के सामने मामले को रखा है। उमर अब्दुल्ला की बहन बहन सारा अब्दुल्ला पायलट ने सुप्रीम कोर्ट में हिरासत में रखने को लेकर याचिका दायर की। जिसपर अब शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार से जवाब मांगा है।
सुप्रीम कोर्ट ने इस दौरान अदालत में हिरासत में लिए जाने का कारण पूछा और 2 मार्च तक जवाब दाखिल करने को कहा है। अदालत ने केंद्र के साथ-साथ जम्मू-कश्मीर प्रशासन को भी जवाब देने के लिए कहा है।
लंबे समय से हिरासत में हैं उमर अब्दुल्ला
उमर अब्दुल्ला की ओर से सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता कपिल सिब्बल ने दलील रखी। कपिल सिब्बल ने कहा है कि लंबे समय से उमर अब्दुल्ला को हिरासत में रखा गया है, जिसपर अदालत ने इसका आधार पूछा है। कपिल सिब्बल ने जवाब में कहा कि लोक सुरक्षा कानून के मुताबिक उन्हें नज़रबंदी में रखा गया है।