
नई दिल्ली। अपनी मांगों को लेकर देशभर के किसान मध्यप्रदेश के मंदसौर में फिर से जुटने जा रहे हैं। पिछले साल पुलिस फायरिंग में हुई किसानों की हत्या के विरोध में किसान मंदसौर में 6 जून को शहीद स्मृति दिवस के रूप में मनाने जा रहे हैं। इससे पहले किसानों के मुद्दे से जुड़े अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति ने सोमवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात कर किसानों की समस्याओं पर संसद का विशेष सत्र बुलाने की गुजारिश की।
भोपाल से होगी कार्यक्रम की शुरुआत
शहीद किसान स्मृति दिवस 193 किसान संगठन से जुड़े लोग 6 जून को मंदसौर में इकठ्ठा हो रहे हैं। इससे पहले पुलिस फायरिंग में मारे गए किसानों को लेकर 4 जून को भोपाल में मशाल जुलूस निकाला जाएगा। इसके बाद 5 जून को मंदसौर के ग्राम बूढ़ा में आमसभा होगी और 6 जून को मंदसौर के ही मल्हारगढ़ तहसील के चिल्लोद पिपलिया गांव में मृत किसान कन्हैया लाल पाटीदार की मूर्ति से समक्ष दिनभर का उपवास होगा। अखिल भारतीय किसान संघर्ष समन्वय समिति के संयोजक वीएम सिंह ने आरोप लगाया कि पुलिस प्रशासन अब तक 6 किसानों के हत्यारों पर अभी तक ह्त्या के मुकदमे दर्ज नहीं हुए हैं।
बुलाया जाए संसद का विशेष सत्र
स्वराज इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेन्द्र यादव ने कहा कि किसानों की कई ऐसी मांगे हैं जिन पर सरकार गम्भीरता से बात तो करती है लेकिन लागू नहीं कर रही है। मसलन फसलों के न्यूनतम मूल्य (एमएसपी) की ही बात करें अभी तक एमएसपी को लेकर सरकार ने अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है।
किसान तैयार करेंगे बिल
लोकसभा सांसद राजू शेट्टी ने कहा कि किसानों की समस्या का समाधान क्या है इसके लिए किसानों ने खुद अपना एक मसौदा तैयार किया है। यदि सरकार किसानों के मुद्दे पर संसद का विशेष सत्र बुलाती है तो इस मसौदे को पेश किया जाएगा।
केन्द्र सरकार किसान विरोधी है : अतुल अंजान
अखिल भारतीय किसान संघर्ष समिति के नेताओं ने सरकार पर आरोप लगाया कि एक तरफ सरकार किसान हित और फसलों की लागत कम कैसे की जाए इसकी बात करती है। इसके ठीक विपरीत डीजल की बढ़ती कीमतों से किसानों को कैसे निजात दिलाई जाए इसके लिए ठोस उपाय नहीं दिख रहा।