
Surguja police, सरगुजा एसपी ऑफिस (Photo- Patrika)
अंबिकापुर। अपराधियों तक पहुंचने में सीसीटीवी कैमरे और मोबाइल लोकेशन पुलिस (Surguja police news) के सबसे अहम तकनीकी हथियार माने जाते हैं, लेकिन सरगुजा जिले में यही व्यवस्था अब कमजोर कड़ी बन गई है। जिला मुख्यालय अंबिकापुर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में लगे अधिकांश सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं। शहर में लगे करीब 90 कैमरों में से 70 से अधिक खराब बताए जा रहे हैं। इसका असर अपराधों की जांच पर भी दिखाई देने लगा है। जब यह बात एसएसपी से पूछी गई तो उन्होंने कहा कि कैमरे खराब होने का फर्क नहीं पड़ रहा है।
बता दें कि पिछले 15 दिन के भीतर शहर समेत जिले में 3 बड़ी वारदातें हुईं, लेकिन इनमें से किसी भी मामले के आरोपियों तक पुलिस अब तक नहीं पहुंच सकी है। इनमें कोतवाली के सामने शिक्षा विभाग की महिला अधिकारी से चेन स्नेचिंग, नाबालिग आदिवासी छात्रा से दुष्कर्म और सीतापुर में 1 करोड़ रुपए के जेवरात की उठाईगीरी (Lifting in Surguja) जैसी घटनाएं शामिल हैं। लगातार घटनाओं से बाहर रहने से कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं।
16 जुलाई को कोतवाली थाना के सामने स्थित जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय के पास दोपहर करीब 3.30 बजे बाइक सवार 2 बदमाशों ने शिक्षा विभाग की सहायक संचालक पूनम तिवारी के गले से सोने की चेन झपट ली। वारदात (Surguja crime) उस समय हुई, जब वे स्कूटी खड़ी कर कार्यालय की ओर जा रहीं थीं। आरोपी हेलमेट पहनकर आए थे और घटना के बाद महामाया चौक की ओर फरार हो गए। पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई, लेकिन फुटेज मिलने के बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों को नहीं पकड़ सकी है।
जिले के एक गांव में उपसरपंच के घर काम करने जाने वाली आदिवासी नाबालिग छात्रा से कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया। पीडि़ता के आरोप के अनुसार उपसरपंच के पति ने घर में उसके साथ दुष्कर्म (Rape in Surguja) किया और किसी को बताने पर जान से मारने की धमकी दी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं तथा पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया, लेकिन आरोपी घटना के बाद से फरार है। उसकी तलाश में साइबर सेल और पुलिस की टीम जुटी हुई है।
27 जुलाई को सीतापुर में श्री काशी विश्वनाथ ज्वेलर्स के संचालक अरुण देव सोनी दुकान खोलने पहुंचे थे। उन्होंने सोने-चांदी के जेवरात से भरा बैग स्कूटी में रखा था। शटर खोलने के दौरान बदमाश बैग लेकर फरार हो गए। व्यवसायी के अनुसार बैग में करीब 1 करोड़ रुपए के आभूषण थे। दुकान और आसपास के सीसीटीवी फुटेज में एक आरोपी बैग ले जाते तथा उसका साथी बाइक पर इंतजार करते दिखाई दिया। इसके बावजूद पुलिस अब तक आरोपियों तक नहीं पहुंच सकी है।
पुलिस जांच में सीसीटीवी कैमरे (CCTV camera in Surguja) अहम भूमिका निभाते हैं, लेकिन शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में कैमरे खराब होने से अपराधियों की गतिविधियों का ट्रैक खोजना कठिन हो रहा है। ऐसे में हाल के चर्चित मामलों की जांच अपेक्षित गति नहीं पकड़ पा रही है। लगातार लंबित मामलों ने पुलिस के सामने चुनौती और बढ़ा दी है।
इस संबंध में सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल (Surguja SSP) ने कहा कि बारिश के दिनों में सीसीटीवी कैमरे खराब होने पर मरम्मत कराई जा रही है। आपराधिक मामलों में सीसीटीवी फुटेज पर्याप्त मिल रहे हैं। सीसीटीवी खराब होने का कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। बाहर के अपराधी अगर क्राइम करते हंै तो समय लगता है।
Updated on:
31 Jul 2026 01:31 pm
Published on:
31 Jul 2026 01:24 pm
