
Surguja toilet scam case, पुलिसकर्मी से बातचीत करते कांग्रेस सरगुजा के पूर्व जिलाध्यक्ष (Photo- Patrika)
अंबिकापुर। सामुदायिक शौचालय निर्माण की राशि के कथित गबन (Toilet scam in Surguja) मामले में जनपद पंचायत अंबिकापुर की बड़ी लापरवाही सामने आई है। चीताबहार पंचायत द्वारा किए गए गबन के मामले में सरईटिकरा पंचायत के सरपंच एवं सरपंच संघ के अध्यक्ष रामसाय मिंज को शुक्रवार की सुबह दरिमा पुलिस ने गिरफ्तार कर एसडीएम न्यायालय में पेश कर दिया। न्यायालय में दस्तावेज प्रस्तुत होने के बाद मामला गलत व्यक्ति पर कार्रवाई का निकला, जिससे प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए। कांग्रेस ने इसे गंभीर लापरवाही बताते हुए जनपद पंचायत सीईओ के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सरईटिकरा के सरपंच रामसाय मिंज (Sarpanch arrested in toilet scam case) ने बताया कि शुक्रवार सुबह वे खेत में काम कर रहे थे। इसी दौरान पुलिस उन्हें गिरफ्तार कर थाने ले गई। उनका कहना है कि उन्हें कपड़े बदलने तक का मौका नहीं दिया गया।
जबकि जिस गबन की जांच चल रही है, वह वर्ष 2020-21 में ग्राम पंचायत चीताबहार में सामुदायिक शौचालय निर्माण की 1.75 लाख रुपए की अंतर राशि से जुड़ा मामला है। उस समय चीताबहार के सरपंच शिवनाथ भगत और सचिव देवेंद्र सिंह थे।
बताया गया कि वर्ष 2024 में चीताबहार के सचिव ने गबन (Scam in toilet) की जानकारी जनपद पंचायत को भेजी थी। इसके बावजूद कार्रवाई वास्तविक सरपंच के बजाय सरईटिकरा के सरपंच रामसाय मिंज के खिलाफ शुरु कर दी गई। एसडीएम न्यायालय में पेशी के दौरान रामसाय मिंज ने दस्तावेज दिखाकर स्वयं को निर्दोष बताया और कहा कि वे चीताबहार के कभी सरपंच नहीं रहे। उन्होंने जमानत लेने से भी इनकार कर दिया।
मामले के तूल पकडऩे पर जनपद पंचायत अंबिकापुर ने एसडीएम को पत्र भेजकर बताया कि रिकॉर्ड में चीताबहार के सरपंच के रूप में रामसाय मिंज का नाम दर्ज होने के कारण यह कार्रवाई हुई। साथ ही रिकॉर्ड अपडेट नहीं होने का कारण भी बताया।
घटना (Toilet scam in Ambikapur) की जानकारी मिलते ही कांग्रेस जिलाध्यक्ष बालकृष्ण पाठक, पूर्व जिलाध्यक्ष राकेश गुप्ता, ग्रामीण ब्लॉक अध्यक्ष विनय शर्मा, दरिमा ब्लॉक अध्यक्ष नारद गुप्ता, जनपद अध्यक्ष विक्रम सोनपाकर, उपाध्यक्ष सतीश यादव सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता एसडीएम कार्यालय पहुंच गए। कांग्रेस नेताओं ने इसे प्रशासन की गंभीर लापरवाही बताते हुए जनपद पंचायत सीईओ से लिखित माफी और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
Updated on:
31 Jul 2026 08:18 pm
Published on:
31 Jul 2026 08:18 pm
