ऑपरेशन ब्लू स्टार की 34वीं बरसी को लेकर स्वर्ण मंदिर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए है।
नई दिल्ली। 6 जून यानी बुधवार को ऑपरेशन ब्लू स्टार की 34वीं बरसी है। ब्लू स्टार की बरसी को देखते हुए स्वर्ण मंदिर और आसपास के इलाकों में तीन हजार से अधिक पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है। ऐसी ख़बर है कि अकाल तख्त पर लाखों सिख श्रद्धालु पहुंच सकते हैं। इसी को देखते हुए वहां की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।
भारी संख्या में पुलिस की तैनाती
एक अधिकारी के मुताबिक, अमृतसर हवाई अड्डे, रेलवे स्टेशन और बाईपास के साथ-साथ शहर के प्रवेश और निकास मार्गों पर भारी संख्या में पुलिस की तैनाती की गई है। जो भी गाड़ियां बाहर से शहर में आ रही है उनकी गहनता से जांच की जा रही है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। बता दें कि सरकारी सुरक्षा एजेंसियां और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अधिकारी शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार काम कर रहे हैं।
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सजीपीसी की भी तैनाती
मामले की संवेदना को देखते हुए मंदिर के आसपास एसजीपीसी की भी तैनाती की गई है। बता दें कि पुलिस महानिदेश सुरेश अरोड़ा ने पहले ही सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया है। दूसरी तरफ सिख संगठन दल खालसा ने सेना के कृत्य के विरोध में छह जून को अमृतसर बंद का आह्वान किया है। संगठन के प्रवक्ता कंवरपाल सिंह ने कहा, 'ऑपरेशन ब्लू स्टार सिखों के धार्मिक मामलों में राज्य की हस्तक्षेप नीति का परिणाम था।'
क्या है ऑपरेशन ब्लू स्टार?
गौरतलब है कि साल 1984 में ऑपरेशन ब्लू स्टार चलाया गया था। ये ऑपरेशन सेना की ओर से मंदिर परिसर घुसे आतंकवादियों को बाहर निकालने के लिए चलाया गया था। 1984 से अब तक हर साल यहां धार्मिक प्रार्थनाएं आयोजित होती है। इस दौरान लाखों श्रद्धालु के पहुंचने की वजह से यहां सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए जाते हैं। यही वजह है कि इस दिन सभी पुलिस अधिकारियों की छुट्टीयां रद्द कर दी जाती है।