जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने खुलासा किया है कि 4.30 लाख कनाल से अधिक जमीन पर सेना और अन्य सुरक्षा बलों का अनाधिकृत रूप से कब्जा है।
जम्मू। जम्मू-कश्मीर की मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने विधानसभा में एक सवाल का जवाब देते हुए खुलासा किया है कि राज्य के 4.30 लाख कनाल से अधिक जमीन पर सेना और अन्य सुरक्षा बलों का अनाधिकृत रूप से कब्जा है। उन्होंने यह जवाब लिखित रूप में दिया है। राज्य के गृह मंत्रालय का भी प्रभार संभाल रहीं मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने बताया कि सुरक्षा बलों और सेना द्वारा कब्जा किए हुए इस अनाधिकृत जमीन में एक बड़ा हिस्सा लगभग 379817 कनाल कश्मीर में है और बाकी 51116 कनाल जमीन का हिस्सा जम्मू में है। उन्होंने नेशनल कांफ्रेंस के विधायक शेख इशफाक जब्बार के एक प्रश्न का जवाब देते हुए यह जानकारी दी। नेशनल कांफ्रेस के इस विधायक ने सेना और सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अनाधिकृत रूप से कब्जाई गई जमीन के बारे में विस्तृत जानकारी मांगी थी।
जिलेवार कब्जे की दी जानकारी
कश्मीर में जिलेवार कब्जे की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि उत्तरी कश्मीर के बारामूला जिले में 34598 कनाल, बडगाम में 33478 कनाल, पुलवामा में 15276.4 कनाल, कुपवाड़ा में 12115 कनाल, अनंतनाग में 7829 कनाल, बांदीपोड़ा में 5782.5 कनाल, श्रीनगर में 4951 कनाल, शोपियां में 4803.15 कनाल और गंडेरबल में 2172.17 कनाल जमीन सेना और सुरक्षा बलों के अनाधिकृत कब्जे में है। बर्फ से जमे लद्दाख के लेह क्षेत्र में 143949 कनाल और कारगिल में 114859.13 कनाल जमीन इन सुरक्षा बलों और सेना के अनाधिकृत कब्जे में है।इसी तरह उन्होंने जम्मू के जिलों के बारे में बताया कि जम्मू में 36620 कनाल, पुंछ में 7617 कनाल, सांबा में 3862 कनाल,राजौरी में 1697 कनाल, रिएसी में 684 कनाल, कथुआ में 388 कनाल, ऊधमपुर में 162 कनाल, रामबन में 62 कनाल और डोडा में 19.13 कनाल जमीन सुरक्षा एजेंसियों के कब्जे में है। सेना और अन्य सुरक्षा एजेंसियों द्वारा अधिक कब्जा जम्मू में किया गया है और सबसे कम डोडा जिले में कब्जा है।
किश्तवाड़ इकलौता जिला,जहां कोई कब्जा नहीं
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य के 22 जिलों में सिर्फ किश्तवाड़ इकलौता ऐसा जिला है जहां किसी भी सुरक्षा एजेंसी ने जमीन के किसी भी हिस्से पर कब्जा नहीं किया हुआ है।