अन्नाद्रमुक के तीसरे गुट के नेता दिनाकरन ने दो धड़ों के बीच हो रहे विलय की सफलता पर संदेह जताया।
चेन्नई। पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम ने तमिलनाडु में सत्तारूढ़ ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (एआईएडीएमके) के दोनों मुख्य गुटों के विलय को लेकर चल रहे महामंथन के बीच एक—दो दिनों में सकारात्मक परिणाम सामने आने की उम्मीद जताई है। यह बात उन्होंने एआईएडीएमके के दूसरे गुट एआईएडीएमके(पुरातिची थेलामी अम्मा) के साथ विलय को लेकर हुई अनौपचारिक मुलाकात के बाद कही। खबर है कि पन्नीसेल्वम विलय के मुद्दे पर किसी अंतिम निर्णय पर पहुंचने से पहले वह मदुरै में अपने गुट के नेताओं की राय जानने के लिए पहुंच रहे हैं।
रात की बैठक में नहीं बनी बात
वहीं दूसरी तरफ मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी तंजावुर जिले के तिरुवरूर के एमजीआर शताब्दी समारोह में भाग लेने के लिए रवाना हुए हैं। गौरतलब है कि चेन्नई में मुख्यमंत्री पलानीसामी और पूर्व मुख्यमंत्री पन्नीरसेल्वम गुटों के बीच कई घंटों तक बैठक के बाद भी अभी अंतिम निर्णय पर नहीं पहुंचा जा सका।
पन्नीसेल्वम गुट की तीन शर्तें
पन्नीरसेल्वम गुट ने एआईएडीएमके के सामने विलय की तीन शर्ते रखी थीं। सूत्रों के मुताबिक इन शर्तों को पलानीसामी गुट ने लगभग मान लिया है। शर्तों में शशिकला व उनके परिवार के सदस्यों को पार्टी से बाहर रखने, जयललिता के निधन की न्यायिक जांच कराने और जयललिता के आवास को स्मारक में बदलने की बात शामिल है।
जयललिता के निधन के बाद टूटी थी पार्टी
पिछले साल दिसंबर में जयललिता के निधन के बाद एआईएडीएमके तीन गुटों में बंट गई थी। इसमें पार्टी की महासचिव वी. के. शशिकला के खिलाफ विद्रोह करने वाला पहला गुट पन्नीरसेल्वम का रहा। जो कि इस समय जेल में बंद हैं। इसके बाद उभर कर आए दूसरे 2 गुटों में मुख्यमंत्री पलानीसामी और उप महासचिव टी. टी. वी. दिनाकरन का गुट है। दिनाकरन शशिकला के भतीजे हैं। दिनाकरन ने नहीं दी तवज्जो एआईएडीएमके के दो धड़ों के बीच हो रहे विलय की संभावनाओं को कमतर आंकते हुए इसकी सफलता पर संदेह जताया। दिनाकरन ने कहा कि यह समझौता दीर्घकालिक नहीं होगा।