
नई दिल्ली। विशेषज्ञों ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी में कोरोना वायरस ( coronavirus cases in Delhi ) बीमारी (कोविड-19) महामारी की मौजूदा और अब तक की सबसे खराब तीसरी लहर चार से पांच दिनों तक रह सकती है। सोमवार को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि ऐसा लगता है कि दिल्ली के कोविड-19 मामले अब चरम पर हैं और विशेषज्ञों का कहना है कि यह चार से पांच दिनों तक चल सकता है। दिल्ली में कोरोना केस की कुल मृत्यु दर 1.59 फीसदी है।
उन्होंने कोविड-19 मामलों की बढ़ती संख्या के पीछे इस बात को जिम्मेदार ठहराया कि कई लोग अभी भी फेस मास्क नहीं पहन रहे हैं। उन्होंने कहा, "बहुत से लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं। ज्यादातर मामले कामकाजी वर्ग के हैं। सरकारी अस्पतालों की कुल क्षमता में 110 गहन चिकित्सा इकाई (आईसीयू) बेड जोड़े गए हैं।"
रविवार को स्वास्थ्य मंत्री ने बताया था कि राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 की तीसरी लहर चरम पर पहुंच गई थी और कहा था कि मामलों की संख्या में वृद्धि तेजी से किए जा रहे परीक्षण और कॉन्टैक्ट-ट्रेसिंग के कारण हो सकती है।
रविवार को राष्ट्रीय राजधानी ने 24 घंटे में अब तक के सर्वाधिक 7745 कोरोना वायरस केस दर्ज किए। दिल्ली में 4,38,529 लोग अब तक इस बीमारी से संक्रमित हो चुके हैं और 6,989 लोग अब तक अपनी जान गंवा चुके हैं।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट के अनुसार देश भर में कोरोना वायरस के कुल मामले सोमवार सुबह तक 85,53,657 पर पहुंच गए। जबकि देश में इस वायरल बीमारी के कारण मरने वालों की संख्या बढ़कर 1,26,611 हो गई है।
सोमवार से दिल्ली नगरपालिका कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू करने के प्रस्ताव पर जैन ने कहा कि चूंकि एमसीडी कर्मचारियों को हड़ताल पर होने के बावजूद भुगतान किया जाता है, इसलिए नागरिक निकाय के पास पैसे की कोई कमी नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने कहा, "यह मेरी समझ से परे है कि जब भी कोई हड़ताल होती है, एमसीडी (दिल्ली नगर निगम) के मेयर कर्मचारियों की तनख्वाह कैसे देते हैं। इससे पता चलता है कि उनके पास पैसा है। मेरे विचार में वे यह सब योजना बनाकर कर रहे हैं और जानबूझकर कर रहे हैं।" सभी वर्गों और पेंशनरों को बकाया भुगतान न करने के विरोध में हड़ताल का आयोजन किया जाएगा।