आईसीएसआई के स्वर्ण जयंती वर्ष के शुभारंभ अवसर पर पीएम मोदी ने कहा कि 8 नवंबर नोटबंदी हुई इसलिए इसे भ्रष्टाचार मुक्ति दिवस के रुप में मनाएं।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय कंपनी सचिव संस्थान (आईसीएसआई) के स्वर्ण जयंती वर्ष के शुभारंभ अवसर पर विज्ञान भवन में कंपनी सचिवों को संबोधित किया। यहां पीएम मोदी ने पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा और अरुण शौरी का नाम लिए बगैर कहा कि कुछ लोग देश में निराशआ फैलाना चाहते हैं, इन लोगों की पहचान बेहद जरुरी है।
आईसीएसआई के 50वें स्थापना दिवस पर उन्होंने कहा कि मैं आज ऐसे विद्वानों ने बीच आया हूं, जो इस बात के लिए जिम्मेदार हैं कि देश की सभी कंपनिया कानून का पालन करें। इस संस्था से जुड़े सभी लोगों को मैं बहुत बधाई देता हूं। आसे उम्मीद है कि अपने बही-खातों में किसी तरह की गड़बड़ी किए बगैर पूरी पारदर्शिता बरतेंगे।
पीएम ने कंपनी सचिवों से कहा कि आप जिस तरह से अपनी जिम्मेदारी को निभाते हैं उसी से देश में कॉरपोरेट कल्चर तय होता है। आपकी संस्था आईसीएसआई का सूत्र वाक्य भी है...'सत्यम् वद्. धर्मम चर' यानि सत्य बोलो और नियम कानून का पालन करो। आप लोगों द्वारा दी हुई सही या गलत सलाह ही देश में कॉरपोरेट गवर्नेंस को प्रभावित करती है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि मुट्ठीभर लोग देश की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने का काम करते हैं। हमारी ईमानदारी, सामाजिक प्रतिष्ठा को कमजोर करने की कोशिश करने का काम करते हैं। कुछ लोगों को निराशा फैलाने की आदत होती है, उन्हें बैगर निशाना फैलाए नींद ही नहीं आती है।
जीएसटी पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि व्यापारियों को होने वाली परेशानी से सरकार अवगत है और उसे दूर करने के लिए कदम उठाएगी। इसके लिए व्यापारियों को परेशान होने की जरुरत नहीं है। हम हालात बदलने के लिए कदम उठा रहे हैं। हाल के दिनों में देश में वाहनों की खरीदी में रिकॉर्ड इजाफा हुआ है। ट्रैक्टर की खरीदारी में 34 फीसदी का इजाफा हुआ है। कार और अन्य वाहनों की बिक्री में भी हैरान करने वाला इजाफा देखने को मिला है।
LIVE
- बदलती हुई देश की इस अर्थव्यवस्था में अब ईमानदारी को प्रीमियम मिलेगा, ईमानदारों के हितों की सुरक्षा की जाएगी : पीएम मोदी
- लेकिन ये बात भी उतनी ही सही है कि सरकार इस ट्रेंड को रिवर्स करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं : पीएम मोदी
- ये बात सही है कि पिछले तीन वर्षों में 7.5% की औसत ग्रोथ हासिल करने के बाद इस वर्ष अप्रैल-जून की तिमाही में GDP ग्रोथ में कमी दर्ज की गई
- ये बात सही है कि पिछले तीन वर्षों में 7.5% की औसत ग्रोथ हासिल करने के बाद इस वर्ष अप्रैल-जून की तिमाही में GDP ग्रोथ में कमी दर्ज की गई
- मैं आश्वस्त करना चाहता हूं कि सरकार द्वारा लिए गए कदम देश को आने वाले वर्षों में विकास की एक नई league में रखने वाले हैं
- इसे ऐसा Dangerous ग्रुप माना गया था जिसकी खुद की अर्थव्यवस्था तो एक समस्या थी ही, बल्कि ये वैश्विक अर्थव्यवस्था की Recovery में भी बाधा थे।
- एक दौर वो था जब अंतरराष्ट्रीय अर्थव्यवस्था के संदर्भ में भारत को एक नए ग्रुप का हिस्सा बनाया गया था जिसका नाम था- Fragile Five :
- देश की अर्थव्यवस्था ने ऐसे क्वार्टर्स भी देखे हैं, जब विकास दर 0.2 प्रतिशत, 1.5 प्रतिशत तक गिरी
- पिछली सरकार के 6 साल में 8 बार ऐसे मौके आए जब विकास दर 5.7 प्रतिशत या उससे नीचे गिरी
- Demonetisation के बाद Cash to GDP Ratio अब 9 प्रतिशत पर आ गया है। 8 नवंबर 2016 से पहले ये 12 प्रतिशत से ज्यादा हुआ करता था
- ये सरकार के अथक परिश्रम का ही परिणाम है कि आज देश की अर्थव्यवस्था कम Cash के साथ चल रही है
- इन लोगों को सिस्टम और संस्थाओं से हटाने के लिए सरकार ने पहले दिन से स्वच्छता अभियान शुरू किया हुआ है