भारत में कोरोना वैक्सीन ( Corona Vaccine ) को लेकर कुछ शोध एडवांस स्टेज में। देशभर में टीकाकरण के लिए होगा हेल्थ आईडी कार्ड का इस्तेमाल। वैक्सीनेशन डिलिवरी सिस्टम का अगला चरण है नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन।
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने ग्रैंड चैलेंजेस की वार्षिक बैठक में कहा कि कोरोना वायरस संक्रमण ( Coronavirus Pandemic ) से पूरी आबादी को निजात दिलाने के लिए वैक्सीन विकसित करने के मामले में वैश्विक स्तर पर भारत अग्रणी देशों में शामिल है। इस पर देशभर में जारी कुछ शोध तो अब एडवांस स्टेज में आ गए हैं। इसके साथ ही उन्होंने साफ कर दिया है कि देशभर में कोरोना वैक्सीनेशन का काम नेशनल डिजिटल हेल्थ मिशन ( National Digital Health Mission ) के तहत पूरा किया जाएगा।
पीएम ने कहा कि नेशनल हेल्थ मिशन के तहत देश के हर नागरिक को हेल्थ कार्ड जारी किया जाएगा। डिजिटल हेल्थ आईडी का इस्तेमाल हर नागरिक का टीकाकरण ( Corona Vaccination ) सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा।
60 फीसदी टीकों का उत्पादन भारत में
प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत अपने अनुभव और युवा प्रतिभा के दम पर वैश्विक स्वास्थ्य सेवाओं के केंद्र में होगा। इतना ही नहीं, आने वाले समय में हमारी सरकार की योजना दूसरे देशों की मदद करने की भी है। उन्होंने याद दिलाया कि वैश्विक टीकाकरण कार्यक्रमों में इस्तेमाल होने वाले टीकों का 60 फीसद उत्पादन भारत में होता है।
हेल्थ आईडी वैक्सीन डिलिवरी का अगला चरण
ग्रैंड चैलेंजेस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि भारत पहले से ही एक प्रभावी वैक्सीन डिलिवरी सिस्टम पर काम कर रहा है। डिजिटल हेल्थ आईडी उसी का अगला चरण है। अब डिजिटल नेटवर्क का उपयोग देश की पूरी आबादी का टीकाकरण को सुनिश्चित करने के लिए किया जाएगा।
पीएम ने कहा कि भारत संयुक्त राज्य अमरीका की आबादी के आकार का लगभग 4 गुना है। हमारे कई राज्यों की आबादी यूरोपीय देशों के बराबर हैं। इसके बावजूद भारत में कोरोना संक्रमण से मौत की दर कम है।
इंडिया में रिकवरी रेट सबसे ज्यादा
एक बार फिर कोरोना मरीजों की संख्या में लगातार गिरावाट देखने को मिल रहा है। भारत में रिकवरी रेट 88 फीसदी है, जो दुनिया में सबसे ज्यादा है। भारत में ऐसा कोरोना के संकेत मिलते ही लॉकडाउन लागू करने की वजह से हुआ। कोरोना को लेकर भारत मास्क के उपयोग को प्रोत्साहित करने वाले पहले देशों में से एक था। इसके अलावा भारत में कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग पर तेजी से काम हुआ है।