Scientist Patrick Wallace का दावा : वैक्सीन से कोरोना संक्रमण रोकना संभव नहीं, इन्फेक्शन होगा कम

 

  • कोरोना वायरस ( Coronavirus ) मौसमी बुखार की तरह फैलती रहेगी बीमारी।
  • वॉलेस ने ब्रिटिश संसदीय समिति के सामने इस बात का दावा किया।
  • कोरोना वैक्सीन ( Corona Vaccine ) को लेकर दुनियाभर में 150 से ज्यादा रिसर्च पर काम जारी है।

नई दिल्ली। दुनियाभर में कोरोना वायरस महामारी ( Coronavirus Pandemic ) संकट के बीच ब्रिटेन के चीफ साइंटिस्ट सर पैट्रिक वॉलेस ( Chief Scientist Sir Patrick Wallace ) ने बड़ा दावा कर वैक्सीन से जुड़ी उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। उन्होंने कहा है कि केवल वैक्सीन के भरोसे आप कोरोना वायरस को रोका नहीं जा सकता। न ही लोग मार्च, 2021 तक वैक्सीन बाजार में आने की उम्मीद करें। ये बात अलग है कि वैक्सीन रिसर्च को लेकर काम पहले से बेहतर और तेजी से हो रहा है।

ब्रिटिश साइंटिस्ट वॉलेस का कहना है कि मेडिकल साइंस के इतिहास में आज तक सिर्फ चिकनपॉक्स ही ऐसी बीमारी रही है जिसे पूरी तरह से मिटाया जा सका है। उन्होंने कहा है कि कोरोना वायरस का इलाज मौसमी बुखार की तरह हो सकता है। बीमारी को पूरी तरह से रोकना मुश्किल है।

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बीमारी को पूरी तरह से रोकना मुश्किल

चीफ साइंटिस्ट वॉलेस के मुताबिक अभी ऐसी वैक्सीन तैयार करना जो दुनियाभर में लोगों तक पहुंच सके मुश्किल है। उन्होंने इस बात का दावा ब्रिटिश संसदीय समिति के सामने की है। संसदीय समिति को उन्होंने बताया है कि इसकी संभावना बहुत कम है कि कोराना वैक्सीन ( Corona Vaccine ) इस बीमारी को पूरी तरह रोक सके।

फ्लू की तरह अस्तित्व में बना रहेगा

सर पैट्रिक वॉलेस ने वैक्सीन को लेकर स्पष्ट शब्दों में कहा है कि वैक्सिनेशन से इन्फेक्शन की संभावना, बीमारी की गंभारता और तीव्रता भी कम हो सकती है। इसके बावजूद यह एक आम फ्लू की तरह अस्तित्व में बना रहेगा।

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मार्च तक वैक्सीन का आना मुश्किल

उन्होंने कहा कि कोरोना वैक्सीन को लेकर दुनियाभर में 150 से ज्यादा रिसर्च हो रहे हैं। इनमे से बहुत सारे वैक्सीन ने इम्यून रिस्पॉन्स पैदा किया है। लेकिन तीसरे चरण के ट्रायल के बाद ही यह पता चलेगा कि क्या वे इन्फेक्शन रोक सकती हैं या नहीं। उन्होंने कहा है कि अगले साल मार्च तक वैक्सीन लोगों तक पहुंचना मुश्किल है।

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