वाराणसी प्रशासन के जनसहयोग के कार्यों की सराहना की। काशी ने कोरोना काल को अवसर बनाकर पेश की नजीर। सेवापुरी को मॉडल ब्लॉक बनाने के वादे को दोहराया।
नई दिल्ली। शुक्रवार को कोरोना संकट ( Coronavirus Crisis ) के दौर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने पहली बार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी ( Parliamentary Seat Varanasi ) में हो रहे विकास कार्यों की हकीकत का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि कोरोना काल में काशीवासियों ( Kashi Residents ) ने धैर्य और मेहनत से एक-दूसरे का सहयोग किया। इससे साबित हो गया कि आपदा के समय में भी आंसू बहाना काशीवासियों का स्वभाव नहीं है।
काशी का यह कार्य देश के लिए किसी नजीर से कम नहीं है। वाराणसी प्रशासन ( Varanasi Administration ) ने भी जन सहयोग का लाभ उठाकर बेहतरीन काम किया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग ( Video Conferencing ) के जरिए मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी कौशलराज शर्मा, नगर आयुक्त गौरांग राठी कोरोना संकट के दौरान पीएम के संसदीय क्षेत्र में उठाए गए कदमों, विकास परियोजनाओं व वर्तमान परिस्थितियों का खाका पेश किया। पीएम के संसदीय क्षेत्र के विधायकों ने भी इस दौरान अपनी बात रखी।
इस बैठक में शामिल होकर बाहर आए प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री नीलकंठ तिवारी ( Yogi Minister NeelKanth Tiwari ) ने कहा कि लगभग ढाई घंटे की बातचीत में पीएम काशी के विकास कार्यों ( Developments works ) की प्रगति को लेकर काफी संतुष्ट नजर आए। हमेशा की ही तरह पीएम मोदी ने अधिकारियों और हम सबको से विकास कार्यों के संबंध में सुझाव मांगे। काशी के नवनिर्माण को लेकर अपने बहुमूल्य सुझाव भी दिए।
सेवापुरी ब्लॉक ( Sewapuri Block ) को देश का मॉडल विकास खंड ( Model Block ) क्षेत्र बनाने के संकल्प को पीएम ने फिर दोहराया। काशी विश्वनाथ कॉरिडोर ( Kashi-Vishwanath Corridoe ) जो प्रधानमंत्री का ड्रीम प्रोजेक्ट की प्रगति, शहर में बन रहे फ्लाईओवर के बारे में भी फी़डबैक लिया। बता दें कि प्रधानमंत्री हमेशा से ही अपने संसदीय क्षेत्र में हो रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते रहते हैं। लॉकडाउन ( Lockdown) की वजह से 2 महीने तक जो विकास कार्य हो चल रहे थे, वे बंद पड़े थे। अनलॉक होते ही फिर से कार्य प्रगति पर है और पीएम ने संवाद के जरिए उसका जायजा लिया।