
नई दिल्ली। धम्म चक्र ( Dhamma Chakra Day ) कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ( PM Narendra Modi ) ने कहा, 'भगवान बुद्ध ( Bhagwan Budh ) के बताए आठ मार्ग कई समाजों और राष्ट्रों के लिए कल्याण का रास्ता दिखाते हैं। यह करुणा और दया के महत्व पर जोर डालता है. भगवान बुद्ध की शिक्षाएं विचार और क्रिया दोनों में सरलता मनाती हैं।'
पीएम मोदी ने कहा कि जब उपदेश करने वाले स्वयं बुद्ध हों...तो ज्ञान संस्कार का पर्याय बन जाता है। जब बुद्ध बोलते हैं तो सिर्फ शब्द ही नहीं निकलते बल्कि ब्रहम चक्र का परवर्तन होता है।
उन्होंने सिर्फ पांच शिष्यों को उपदेश दिया था। अब पूरी दुनिया में उन शब्दों को अनुयायी हैं। बुद्ध में आस्था रखने वाले लोग हैं। सारनाथ पर भगवान बुद्ध ने पूरे जीवन और ज्ञान का सूत्र हमें बताया।
पीएम मोदी ने कहा- भगवान बुद्ध ने हमें दुख के बारे में बताया, उसके कारण के बारे में बताया। ये आश्वासन दिया कि दुखों से जीता जा सकता है। इस जीत का रास्ता भी बताया।
भगवान बुद्ध ने हमें जीवन के लिए अष्टांग सूत्र दिए। आठ मंत्र दिए। ये आठ सूत्र हैं...सम्य दृष्टि, सम्य संकल्प, सम्य वाणी, सम्य कर्म, सम्य आजीविका, सम्य प्रयास, सम्य मन, सम्य समाधि यानी मन की एकाग्रता
मन,वाणी और संकल्प में हमारे कर्मों और प्रयासों में ये संतुलन है तो हम दुखों से निकलकर प्रगति और सुख को हासिल कर सकते हैं।
यही संतुलन हमें अच्छे समय में लोक कल्याण की प्रेरणा देता है और मुश्किल में धैर्य रखने की ताकत देता है।
कोरोना काल में भी प्रासंगिक बुद्ध के सूत्र
कोरोना काल ऐसा ही संकट है, जब भगवान बुद्ध हमारे लिए और भी प्रासंगिक हो जाते हैं। बुद्ध के मार्ग पर चल कर ही बड़ी से बड़ी चुनौती का सामना हम कैसे कर सकते हैं।
भारत ने ये कर के दिखाया है। बुद्ध के सम्यक विचार को लेकर दुनिया के देश भी एक दूसरे का हाथ थाम रहे हैं। एक दूसरे की ताकत बन रहे हैं।
त्रासदी के समय में दुनिया ने प्रेम की, सौहार्द की शक्ति को महसूस किया है। बुद्ध का ये ज्ञान, मानवता का ये अनुभव जैसे-जैसे समृद्ध होगा विश्व सफलता की नई ऊंचाईयों को छूएगा।
लोगों को आदर सिखाता है बौद्ध धर्म
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, बौद्ध धर्म लोगों को आदर करना सिखाता है। लोगों के लिए आदर करना, गरीबों के लिए आदर करना और महिलाओं के लिए आदर करना। शांति और अहिंसा का अदर करना।
युवाओं से की ये अपील
पीएम मोदी ने कहा, मैं अपने युवा दोस्तों से अपील करना चाहूंगा कि वह बुद्ध के विचारों को अपनाएं। इस तरह से वह खुद भी मोटिवेट हों और दूसरों को भी आगे का रास्ता दिखाएं।