PM Narendra Modi ने रविवार को सोशल नेटवर्किंग साइट इंस्टाग्राम पर एक खूबसूरत वीडियो शेयर किया Morning walk के झलक दिखाते इस वीडियो में PM Narendra Modi राष्ट्रीय पक्षियों के साथ समय बिता रहे हैं
नई दिल्ली।प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Narendra Modi ) ने रविवार को सोशल नेटवर्किंग साइट इंस्टाग्राम ( instagram ) पर एक खूबसूरत वीडियो शेयर किया है। यह वीडियो सोशल मीडिया ( Video Viral On Social Media ) पर खूब वायरल हो रहा है। मॉरनिंग वॉक के झलक दिखाते इस वीडियो में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ( PM Modi Morning Walk Video ) राष्ट्रीय पक्षियों ( National birds ) के साथ समय बिता रहे हैं। राष्ट्रीय पक्षी मोर प्रधानमंत्री मोदी के हाथों से दाना चुगते दिखाई दे रहे हैं। प्रधानमंत्री द्वारा इंस्टाग्राम अकाउंट ( Instagram account ) पर वीडियो शेयर करते ही यह सोशल मीडिया के सभी प्लेटफॉर्म पर तेजी के साथ वायरल हो गया।
इस वीडियो को लगभग 24 लाख से ज्यादा लोग देख चुके
सोशल नेटवर्किंग साइट पर वीडियो शेयर करने के महज तीन घंटे में ही इंस्टाग्राम पर ही इस वीडियो को लगभग 24 लाख से ज्यादा लोग देख चुके थे। दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस वीडियो के माध्यम से लोगों को प्रकृति प्रेम का संदेश दिया है। वीडियो में ऐसे कई दृश्य दिखें, जिनसे प्रधानमंत्री मोदी के प्रकृति प्रेम का अंदाजा लगाया जा सकता है। जैसे कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पीएम आवास के गार्डन में टहल रहे हैं। इस दौरान उनके आगे-आगे मोर भी टहल रहे हैं।
प्रधानमंत्री आवास में राष्ट्रीय पक्षियों का ग्रुप भी रहता है
यही नहीं वीडियो में मोर नृत्य भी करते दिखाई दे रहे हैं। सुबह मॉरनिंग वॉक के बाद प्रधानमंत्री मोदी एक चबूतरे पर बैठकर मोर को दाना खिलाते भी नजर आ रहे हैं। इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी सुबह कुछ जरूरी कार्य भी निपटा रहे हैं। क्योंकि वीडियो में वह अपने हाथों में कुछ कागज थामें हैं। इस दौरान भी भी मोर उनके साथ ही बने हुए हैं। आपको बता दें कि प्रधानमंत्री आवास में राष्ट्रीय पक्षियों का ग्रुप भी रहता है। इन पक्षियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रोजाना मॉरनिंग वॉक के समय दाना चुगाते हैं।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री मोदी ने इंस्टाग्राम पर वीडियो के साथ यह कविता भी शेयर की है।
भोर भयो, बिन शोर,
मन मोर, भयो विभोर,
रग-रग है रंगा, नीला भूरा श्याम सुहाना,
मनमोहक, मोर निराला।
रंग है, पर राग नहीं,
विराग का विश्वास यही,
न चाह, न वाह, न आह,
गूँजे घर-घर आज भी गान,
जिये तो मुरली के साथ
जाये तो मुरलीधर के ताज।
जीवात्मा ही शिवात्मा,
अंतर्मन की अनंत धारा
मन मंदिर में उजियारा सारा,
बिन वाद-विवाद, संवाद
बिन सुर-स्वर, संदेश
मोर चहकता मौन महकता।