
नई दिल्ली। एक बार फिर पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी चर्चा में है। इस बार चर्चा का विषय है भारतीय जनता पार्टी के कार्यक्रम में शिरकत। जी हां आरएसएस के कार्यक्रम में सुर्खियां बंटोरने के बाद रविवार को पूर्व राष्ट्रपति भाजपा के कार्यक्रम में पहुंचे। मुखर्जी ने रविवार को गुरुग्राम में बीजेपी के एक कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उनके साथ हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर भी मौजूद रहे। प्रणब मुखर्जी और मनोहर लाल खट्टर ने गुरुग्राम के हरचंदपुर और नयागांव में स्मार्ट ग्राम परियोजना के तहत कई प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया।
आपको बता दें कि पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने अपने कार्यकाल के दौरान हरचंदपुर गांव को गोद लिया था, इसके बाद से गांव में कई सुविधाएं शुरू हुईं। इस गांव को आदर्श गांव बनाने के प्रयास किए जा रहे हैं। तकनीकी से लेकर मूलभूत सुविधाओं तक हर क्षेत्र में तेजी से विकास काम हो रहे हैं। ग्राम सचिवालय में वाई-फाई से लेकर डिजिटल स्क्रीन तक की सुविधा होगी।
आपको बता दें कि इससे पहले ऐसे खबरें आ रही थीं कि हरियाणा में 'प्रणब मुखर्जी फाउंडेशन' आरएसएस के साथ मिलकर काम करेगा लेकिन बाद में इन खबरों को लेकर प्रणब मुखर्जी के ऑफिस ने एक बयान जारी किया। इस बयान में कहा गया कि हम स्पष्ट रूप से ये कहना चाहते हैं कि ऐसा कुछ भी नहीं है और न ही होने वाला है।
आरएसएस कार्यक्रम में राष्ट्रवाद और देशभक्ति पर रखे थे विचार
हाल के दिनों में ये दूसरी बार है जब प्रणब मुखर्जी ने बीजेपी या उससे जुड़े किसी संगठन के कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इससे पहले जून महीने में प्रणब मुखर्जी नागपुर में आरएसएस मुख्यालय के एक कार्यक्रम में शिरकत की थी। आरएसएस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए प्रणब मुखर्जी ने अपने संबोधन में राष्ट्र, राष्ट्रवाद और देशभक्ति पर अपने विचार रखे थे।
बेटी ने भी जताई थी नाखुशी
जब पूर्व राष्ट्रपति ने आरएसएस के कार्यक्रम में शामिल होने का फैसला लिया था तो उनकी बेटी शर्मिष्ठा मुखर्जी भी नाराज हो गई थीं। यही नहीं प्रणब मुखर्जी के फैसले के बाद कांग्रेस के एक धड़े में विरोध के स्वर भी उठे थे। कुछ नेताओं ने मुखर्जी से दौरा रद्द करने की मांग तक कर डाली थी। हालांकि प्रणब दा के शामिल होने और उनके भाषण के बाद उन्होंने अपने सभी आलोचकों के मुंह बंद कर दिए थे।