केंद्र सरकार ने जारी किए हैं वैक्सीनेशन ( corona vaccination ) के दिशानिर्देश, पालन करना होगा जरूरी। लाभार्थियों की ट्रैकिंग के लिए कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क का इस्तेमाल होगा। टीकाकरण के लिए चुने गए 30 करोड़ लोग, फोटो आईडी कार्ड से होगा रजिस्ट्रेशन।
नई दिल्ली। कोरोना वायरस महामारी के बीच अब इसकी वैक्सीन जल्द आ सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आने वाले हफ्तों में कोविड-19 वैक्सीन की उपलब्धता के बारे में कह चुके हैं। जबकि केंद्र सरकार ने कोरोना वायरस वैक्सीनेशन ( corona vaccination ) के लिए गाइडलाइंस भी जारी कर दी हैं। हालांकि भारत में पहले चरण में कोरोना वायरस टीकाकरण में 30 करोड़ लोगों को शामिल किया जाएगा। इनमें स्वास्थ्य कर्मी, फ्रंटलाइन वर्कर्स और प्राथमिकता समूह वाले व्यक्ति शामिल हैं। ऐसे में इसके वैक्सीनेशन के लिए सरकार ने कुछ दस्तावेजों को जरूरी बता दिया है, जिसे दिखाने पर ही व्यक्ति वैक्सीन पाने के लिए प्री-रजिस्ट्रेशन करा सकेगा।
30 करोड़ का टीकाकरण
दरअसल केंद्र सरकार कोरोना वैक्सीन की स्वीकृति मिलने पर सामूहिक टीकाकरण (मास वैक्सीनेशन) अभियान शुरू करेगी। केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने पहले चरण के लिए भारत की 30 करोड़ जनसंख्या को चुना है।
विशेषज्ञ समूह ने चुने लोग
इनमें 1 करोड़ स्वास्थ्य कर्मी, 2 करोड़ फ्रंटलाइन वर्कर्स के अलावा 27 करोड़ वो आम आदमी हैं जिन्हें विशेषज्ञ समूह द्वारा तय किए गए प्राथमिकता वाले समूहों से चुना गया है।
नई चुनाव मतदाता सूची से होगी पहचान
बीते 12 दिसंबर को जारी किए गए दिशा-निर्देशों के मुताबिक लोकसभा और विधान सभा चुनाव में इस्तेमाल हुई नई सूची का इस्तेमाल 50 वर्ष या इससे ज्यादा आयु के लोगों की पहचान करने में किया जाएगा।
प्री-रजिस्ट्रेशन जरूरी
टीकाकरण के लिए सूचीबद्ध किए गए लाभार्थियों की ट्रैकिंग के लिए कोविड वैक्सीन इंटेलिजेंस नेटवर्क का इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपना रजिस्ट्रेशन कराने के लिए फोटो-पहचान दस्तावेज जरूरी होंगे।
आवश्यक दस्तावेज
इनमें वोटर आईडी कार्ड, आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट और पेंशन कार्ड जैसे दस्तावेज लगाए जा सकते हैं। वहीं, टीकाकरण स्थल पर पहले से रजिस्टर किए गए लाभार्थियों को ही निर्धारित प्राथमिकता के अनुसार टीका लगाया जाएगा।
एक सत्र में 100-200 का वैक्सीनेशन
सरकार की योजना के अनुसार हर दिन हर सत्र में 100 से 200 लोगों का वैक्सीनेशन किया जाएगा। टीका लगाने के बाद कोई प्रतिकूल असर तो नहीं हो रहा, यह देखने के लिए 30 मिनट तक संबंधित व्यक्ति की निगरानी की जाएगी। हर टीकाकरण टीम में पांच सदस्य होंगी।
बड़ी जगह पर डबल वैक्सीनेशन
गाइडलाइंस में बताया गया है, "अगर टीकाकरण स्थल पर पर्याप्त स्थान है, तो ऐसी स्थिति में एक और टीकाकरण अधिकारी 200 अन्य लाभार्थियों को टीका लगा सकता है।"