विविध भारत

चीन को मुहतोड़ जवाब देने का वादा, राजनाथ का सीमा पर शस्त्र-पूजा का है इरादा

दशहरे पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ( rajnath singh ) के सिक्किम पहुंचने की है संभावना। इस दौरान शस्त्र पूजा ( shastra pooja ) कर सीमा विवाद के बीच चीन को देंगे कड़ा संदेश। चीन की सेना के सामने तैनात जवानों का हौसला बढ़ाने की है मंशा।
2 min read
Rajnath Singh may visit Sikkim on Dussehra amid border conflict with China
Rajnath Singh may visit Sikkim on Dussehra amid border conflict with China

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा पर चीन के साथ चल रहे सीमा संघर्ष के बीच रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ( rajnath singh ) बार्डर पर दशहरे के मौके पर पहुंच सकते हैं। इस दौरान रक्षा मंत्री अपने सैनिकों का मनोबल बढ़ाने और चीन को सख्त संदेश देने के लिए वहां पर शस्त्र-पूजा ( shastra pooja ) भी कर सकते हैं।

रक्षा सूत्रों ने कहा कि पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के सामने तैनात भारतीय सैनिकों का मनोबल बढ़ाने के लिए रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के इस दशहरे पर सिक्किम पहुंचने की संभावना है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह द्वारा 23-24 अक्टूबर को सिक्किम का दौरा करने की संभावना है। इस दौरान सिंह सीमावर्ती क्षेत्रों में सैनिकों और आम नागरिकों की आसान आवाजाही के लिए बनाई गई कई सड़क परियोजनाओं और रणनीतिक पुलों का भी उद्घाटन कर सकते हैं।

सूत्रों के मुताबिक, "रक्षा मंत्री द्वारा चीन की सीमा के पास सिक्किम में तैनात स्थानीय इकाइयों में से एक में शस्त्र-पूजा किए जाने की भी पूरी संभावना है। हिंदू परंपरा के अनुसार योद्धाओं द्वारा दशहरे में प्रतिवर्ष शस्त्र पूजा की जाती है। पिछले साल उन्होंने फ्रांस से भारत का पहला रफाल लड़ाकू विमान प्राप्त करते हुए भी ऐसा किया था।"

यह भी बताया जा रहा है कि रक्षा मंत्री उन स्थानों पर भी जा सकते हैं जहां भारत ने चीनियों द्वारा घुसपैठ के किसी भी संभावित प्रयास को रोकने के लिए बड़ी संख्या में जवानों और टैंकों की तैनाती की है। भारत और चीन इस साल अप्रैल-मई से लद्दाख से लेकर पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश तक गतिरोध में लगे हुए हैं।

भारत ने चीनी सेना का मुकाबला करने के लिए सीमा पर 60,000 के करीब सैनिकों को तैनात किया है, जिन्होंने पहले पैंगोंग झील और अन्य आस-पास के स्थानों में भारतीय क्षेत्रों में घुसपैठ करने की कोशिश की थी।

गौरतलब है कि चीन के साथ सीमा विवाद के बीच भारत अपने शौर्य का प्रदर्शन करना लगातार जारी रखे हुए है। इस कड़ी में भारत ने इस सोमवार को ओडिशा से दूर एंटी-टैंक (SANT) मिसाइल का सफलतापूर्वक परीक्षण किया। इस मिसाइल के साथ ही भारत ने बीते 7 सितंबर से अब तक यानी 46 दिनों में 13 मिसाइलों का परीक्षण किया है।

Updated on:
21 Oct 2020 07:27 pm
Published on:
21 Oct 2020 07:13 pm