
नई दिल्ली। भारत पर एकबार फिर आतंकी हमले का साया मंडरा रहा है। देश में अस्थिरता लाने के मकसद से आतंकवादी हमले की नई राणनीति पर काम कर रहे हैं, इसके लिए वे सोशल मीडिया साइट्स का सहारा ले रहा हैं। केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार इसे लेकर देश को अलर्ट किया है। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया का बढ़ता इस्तेमाल देश के लिए एक नया खतरा है।
हमले की नई रणनीतियां बना रहे आतंकी: गृह मंत्री
राष्ट्रीय सुरक्षा गार्ड (एनएसजी) के स्थापना दिवस के मौके पर बोलते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि 2008 के मुंबई आतंकी हमले के बाद कोई बड़ी आतंकी घटना देश में नहीं हुई है। उन्होंने इसका श्रेय देश के सुरक्षा बलों की मुस्तैदी को दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवादी हमले के लिए नई रणनीतियां बना रहे हैं। उन्होंने चेताया कि राष्ट्र विरोधी ताकतों द्वारा सोशल मीडिया का बढ़ता इस्तेमाल एक नया खतरा है।
हर हमले से निपटने के लिए सुरक्षाबल सक्षम: सिंह
राजनाथ सिंह ने हमले की चेतावनी के साथ ही विश्वास जताया कि देश के सुरक्षा बल किसी भी खतरे से निपटने में सक्षम हैं। उन्होंने एनएसजी को विश्वस्तरीय बल बताया और कहा कि एनएसजी कमांडो की एक इकाई को जम्मू एवं कश्मीर में इस साल की शुरुआत में पहली बार तैनात किया गया। सिंह ने कहा कि एनएसजी जवानों को आम तौर पर 'बेटर दैन द रेस्ट' कहा जाता है, लेकिन उनका मानना है कि ब्लैक कैट्स 'बेटर दैन द बेस्ट' हैं। उन्होंने कहा कि शहीदों के परिजनों के लिए न्यूनतम मुआवजे की राशि को बढ़ाकर एक करोड़ कर दिया गया है। यह मुआवजा बढ़ सकता है, लेकिन कम नहीं होगा। इस समारोह के दौरान 14 शहीदों के परिजनों को गृह मंत्री ने सम्मानित किया।