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Farmers Protest: दिल्ली पुलिस ने जहां लगाई थी कीलें, वहां फूल लगाने जा रहे हैं किसान, मंगवाई गई दो ट्रक मिट्टी

राकेश टिकैत ने कहा गाजीपुर बॉर्डर पर सरकार ने जहां कीलें लगवाई थीं, अब हम वहां फूल उगाएंगे टिकैत ने कहा - आंदोलन में हिस्सा लेने आ रहे लोग अपने खेतों में से मिट्टी साथ लेकर आएं  

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Feb 05, 2021
rakesh tikait will sow flowers, where delhi police planted nails

नई दिल्ली। 26 जनवरी को ट्रैक्टर रैली के दौरान राजधानी में किसानों और दिल्ली पुलिस के जवानों के बीच भीषण झड़पें हुईं।इसमें 350 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस एक्शन में आ गई। प्रशाशन द्वारा गाजीपुर बॉर्डर की सड़कों पर बैरिकेडिंग के अलावा लोहे की कीलों की पट्टियां लगा दी गईं। कीलें इतनी बड़ी कि कोई दिल्ली की तरफ न आ रहा हो तो देख कर लौट जाए। ये सब सुरक्षा इंतजाम के नाम पर किया गया।

लेकिन इसके दो दिन बाद यानी 4 फ़रवरी गुरुवार की सुबह अचानक दिल्ली पुलिस की तरफ से भेजे गए कर्मचारी ने कीलों की इन पट्टियों को हटाना शुरू कर दिया। इसकी तस्वीरे भी सामने आई। कई लोगों ने इसे लेकर दिल्ली पुलिस का मजाक भी उड़ाया।

जहां लगाई कीलें, वहां बोएंगे फूल

अब इस मामले पर भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने भी प्रतिक्रिया दी है। टीकैत ने कहा है, ‘दिल्ली पुलिस ने गाजीपुर बॉर्डर पर जिस जगह पर कीलें लगाई थी वहीं पर हम फूल बोएंगे। इसके लिए दो ट्रक मिट्टी मंगवाई गई है।’

उन्होंने आगे कहा, 'जो किसानों आंदोलन में हिस्सा लेने आ रहे लोग अपने खेतों में से मिट्टी साथ लेकर आएं और वापस जाते समय यहां से मिट्टी वापस लेकर जाएं और उसे अपने खेतों में मिला दें। यह मिट्टी उन्हें किसानों के संघर्ष की कहानी याद दिलाएगी। यह किसान क्रांति की मिट्टी है, इसे मैं गांव-गांव पहुंचाउंगा। मैं देश के सभी युवाओं को इस मिट्टी से जोड़ना चाहता हूं।'

क्यों हटाई गई कीलें ?

पूर्वी दिल्ली के एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने बताया कि कीलें वहीं से हटाई जा रही हैं जहां इनकी वजह से आवाजाही में पब्लिक को परेशानी आ रही थी।जहां इनकी जरूरत महसूस होगी, हम इन्हें दोबारा लगाएंगे। वहीं दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर आलोक कुमार ने भी यही बात कही। उन्होंने कहा कि सड़कों पर लगाई गई कीलों का ‘स्थान परिवर्तित’ किया जा रहा है। जहां इनकी जरूरत होगी वहां इन्हें फिर से लगा दिया जाएगा।

6 फरवरी को देशव्यापी 'चक्का जाम'

बता दें किसानों संगठनों ने 6 फरवरी को देशव्यापी 'चक्का जाम' करने का प्रोग्राम बनाया है। हालांकि ये जाम उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में जाम नहीं किया जाएगा। इन दोनों राज्यों में जिला मुख्यालय पर किसान कृषि कानूनों के विरोध में केवल ज्ञापन दिए जाएंगे। वहीं 'चक्का जाम' के लिए पुलिस भी गाजीपुर सीमा पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर रही है।प्रदर्शन पर ड्रोन के जरिए नजर रखी जा रही है।

Published on:
05 Feb 2021 06:30 pm
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