Ramadan 2021: कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर बॉम्बे हाईकोर्ट ने रमजान के दौरान मुंबई में मस्जिद में सामूहिक नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी है।
मुंबई। कोरोना संक्रमण के मामले काफी तेजी के साथ बढ़ते जा रहे हैं। कोरोना महामारी के बीच नवरात्र और रमजान का पावन पर्व भी मनाया जा रहा है। ऐसे में कोरोना को लेकर किसी तरह की कोई लापरवाही न बरती जाए, इसलिए तमाम राज्य सरकारों की ओर से सख्त पाबंदियां लगाई गई हैं।
कोरोना महामारी से सबसे अधिक प्रभावित महाराष्ट्र में आज (बुधवार,14 अप्रैल) रात आठ बजे से आंशिक लॉकडाउन के तहत लगाई गई पाबंदियां लागू हो चुकी हैं। वहीं इससे पहले बॉम्बे हाईकोर्ट ने एक बड़ा आदेश दिया है।
कोरोना संक्रमण के बढ़ते मामलों के मद्देनजर बॉम्बे हाईकोर्ट ने रमजान के दौरान मुंबई के एक मस्जिद में सामूहिक नमाज पढ़ने पर रोक लगा दी है। दरअसल कोर्ट ने जुमा मस्जिद ट्रस्ट की एक याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिया है। जुमा मस्जिद की ओर से रमजान के दौरान दक्षिणी मुंबई की मस्जिद को खोलने और 50 लोगों के साथ पांच वक्त नमाज पढ़ने की अनुमति मांगी गई थी।
जस्टिस आरडी धानुका और वीजी बिष्ट की डिविजन बेंच की हॉलिडे कोर्ट ने ट्रस्ट की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि धार्मिक प्रथाओं को मानने का अधिकार महत्वपूर्ण है, लेकिन कोरोना महामारी के इस दौर में लोगों की सुरक्षा भी ‘बहुत महत्वपूर्ण’ है। मालूम हो कि महाराष्ट्र में रिकॉर्ड कोरोना वायरस के मामलों की पुष्टि के बाद राज्य सरकार ने कुछ क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर 13 अप्रैल से प्रतिबंध की घोषणा की है। इसमें धार्मिक स्थलों को बंद रखना भी शामिल हैं।
याचिकाकर्ता ने अपने पक्ष में दी ये दलील
बता दें कि रमजान के दौरान मस्जिद को खोलने को लेकर याचिकाकर्ता ने कोर्ट में दलील देते हुए कहा कि दक्षिणी मुंबई स्थित मस्जिद एक एकड़ में फैली है और एक समय में सात हजार से ज्यादा लोग इसमें एकट्ठा हो सकते हैं।
लेकिन कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए मस्जिद में एक समय में पचास लोगों को नमाज पढ़ने की इजाजत दी जाए। नमाज के वक्त कोरोना नियमों का सख्ती के साथ पालन किया जाएगा। याचिकाकर्ता के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट के 12 अप्रैल के एक फैसले का उदाहरण भी दिया जिसमें कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए नमाज पढ़ने की इजाजत दी है।
आज रात 8 बजे से आंशिक लॉकडाउन लागू
आपको बता दें कि राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने बीते दिन मंगलवार को राज्य में आंशिक लॉकडाउन लागू करने की घोषणा की थी, जो कि आज (बुधवार, 14 अप्रैल) रात आठ बजे से प्रभावी है। ये प्रतिबंध एक मई तक लागू रहेंगे।
प्रतिबंधों को लेकर राज्य सरकार ने कहा है कि अगले 15 दिनों तक राज्य के सभी धार्मिक स्थल बंद रहेंगे। हालांकि, धार्मिक स्थलों से जुड़े निजी लोगों को अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने की इजाजत होगी। मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा घोषणा की थी कि अगले 15 दिन तक राज्य में दंड प्रक्रिया संहिता (CrPC) की धारा 144 लागू रहेगी।
मालूम हो कि देश में कोरोना वायरस संक्रमण के एक दिन में अब तक के सर्वाधिक 1,84,372 नए मामले सामने आए हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, देश में संक्रमण के कुल मामले 1,38,73,825 हो गए हैं, जबकि 1,72,085 लोगों की जान अब तक जा चुकी है।