सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से दिल्‍ली की हालत काफी बुरी हो गई थी। जहां-तहां गंदगी जमा हो गई थी। इस आंदोलन में आम आदमी पार्टी और भाजपा भी आमने-सामने आ गए थे।
नई दिल्ली : दिल्ली में सफाईकर्मियों की 27 दिन से चल रही हड़ताल मंगलवार को समाप्त हो गई। बुधवार वे अपने काम पर लौट आएंगे। दिल्ली सरकार ने उनकी सबसे बड़ी मांग अस्थायी कर्मियों को स्थायी करने की मांग मान ली है। हालांकि वेतन नियमित रूप से देने की उनकी मांग अभी नहीं मानी गई है।
करीब एक महीने से थे हड़ताल पर
सफाई कर्मचारियों की हड़ताल से दिल्ली की हालत काफी बुरी हो गई थी। जहां-तहां गंदगी जमा हो गई थी। इस आंदोलन में आम आदमी पार्टी और भाजपा भी आमने-सामने आ गए थे। दिल्ली भाजपा अध्यक्ष मनोज तिवारी और दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने लगातार एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे।
केंद्र और राज्य के बीच भी है विवाद
सफाई कर्मचारियों का मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है। दिल्ली सरकार ने शीर्ष अदालत को बताया था कि सफाई कर्मचारियों की बकाया वेतन देने के लिए 500 करोड़ रुपए कि राशि देने के लिए वह तैयार है। इस पर अदालत ने केंद्र सरकार से पूछा था कि क्या वह भी इतनी ही राशि देने के लिए तैयार है। इसके जवाब में सोमवार को केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था सफाई कर्मचारियों के बकाया भुगतान के लिए कोई राशि वह नहीं देगी। ऊसने कहा था कि ऐसा कोई संवैधानिक प्रावधान नहीं है कि एमसीडी के लिए केंद्र सरकार फंड निर्गत करे।