
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को भाजपा नेता और वकील अश्विनी उपाध्याय की ओर से दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। अश्विनी उपाध्ययाय ने शीर्ष अदालत के समक्ष एक याचिका दायर कर एक प्रत्याशी के दो सीटों से चुनाव लड़ने की व्यवस्था पर रोक लगाने की मांग की थी। अदालत ने उपाध्याय की याचिका को सुनवाई के लिए पहले ही स्वीकार कर लिया था।
बता दें कि भाजपा नेता अश्विनी उपाध्याय की ओर से दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 27 मार्च को सुनवाई के लिए तैयार हो गया था। उस समय जस्टिस एसए बोबड़े की पीठ ने कहा था कि इस मामले में 2 हफ्ते के बाद सुनवाई होगी।
जनता के पैसे का दुरुपयोग
इस मामले में याची अश्विनी उपाध्याय का कहना है कि हर नागरिक का मौलिक अधिकार है कि वो उम्मीदवार का रिकॉर्ड और योग्यता की जांच करने के बाद मतदान करे। अगर उम्मीदवार दोनों जगह से जीतता है तो उसे एक सीट छोड़नी होती है। उस सीट पर दोबारा चुनाव होता है। दोबारा उपचुनाव होने से सरकार पर आर्थिक बोझ पड़ता है जो जनता के पैसे का दुरुपयोग है।
एक उम्मीदवार एक सीट की हो व्यवस्था
उपाध्याय ने याचिका में ये भी कहा है कि एक आदमी एक वोट की तरह एक उम्मीदवार, एक सीट की व्यवस्था होना चाहिए। ऐसे में जनप्रतिनिधित्व कानून के उस प्रावधान को गैर संवैधानिक घोषित किया जाना चाहिए जिसके तहत एक उम्मीदवार को 2 सीटों से चुनाव लड़ने की इजाजत दी जाती है। याचिका में कहा गया है कि विधानसभा व लोकसभा चुनाव में स्वतंत्र उम्मीदवार को भी भाग लेने से हतोत्साहित किया जाना चाहिए।