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पूर्व सीएम नायडू की जेड प्लस सुरक्षा हटेगी, डीजीपी ने सुनाया सरकार का हुक्म

अभी भी नायडू को मिली हुई है जेड प्लस सुरक्षा लेकिन कटौती की सिफारिश। सुरक्षा समीक्षा समिति ने लिया है सिक्योरिटी कवर घटाने का फैसला। टीडीपी ने इस कदम को सत्ताधारी प्रदेश सरकार का राजनीति से प्रेरित कदम बताया।

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चंद्रबाबू नायडू की सुरक्षा जांच करता एक कर्मचारी (फाइल फोटो)

अमरावती। आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और तेलुगू देशम पार्टी के मुखिया चंद्रबाबू नायडू ( Andhra Pradesh Ex CM Chandrababu Naidu ) को मिली देश की सर्वोच्च सुरक्षा यानी जेड प्लस कवर हटाया जाएगा। आंध्र प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ने बुधवार को बताया कि सुरक्षा समीक्षा समिति के फैसले के मुताबिक टीडीपी सुप्रीमो चंद्रबाबू नायडू को दी गई सुरक्षा में बदलाव किया जाएगा।

फिलहाल नायडू को जेड प्लस (Z Plus Security Cover) सुरक्षा मिली हुई है। जेड प्लस देश का सबसे मजबूत सुरक्षा कवर है। इसे नेशनल सिक्योरिटी गार्ड्स (NSG Security) मुहैया कराता है।

इस संबंध में आंध्र प्रदेश पुलिस महानिदेशक (Andhra Pradesh DGP) कार्यालय ने मीडिया को बताया, "सुरक्षा समीक्षा समिति के फैसले के हिसाब से आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू की सुरक्षा में परिवर्तन किया जाएगा। फिलहाल अभी तक उनकी मौजूदा सुरक्षा व्यवस्था में कोई भी बदलाव नहीं किया गया है। आज की तारीफ में उन्हें जेड प्लस सिक्योरिटी मिली हुई है।"

चंद्रबाबू नायडू की सुरक्षा विजयवाड़ा में सुरक्षा के लिए 183 कर्मी तैनात हैं और हैदराबाद में नायडू 48 सुरक्षाकर्मियों के पहरे में रहते हैं।

इस बीच टीडीपी ने नायडू की सुरक्षा में कमी किए जाने के फैसले का कड़ा विरोध किया है और आरोप लगाया है कि प्रदेश की सत्ताधारी वाईएसआरसीपी सरकार ने राजनीतिक कारणों के चलते नायडू की सुरक्षा घटाने का फैसला लिया है।

बता दें कि इससे पहले नायडू के पूर्व निजी सचिव के कई ठिकानों पर हाल ही में आयकर विभाग ने छापा मारा था। इस दौरान विभाग ने नायडू की करीबी मानी जाने वाली तीन प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनियों पर भी छापेमारी की। इस छापेमारी के दौरान आयकर विभाग को कम से कम 2000 करोड़ रुपये की रकम का पता चला है।

विभाग को इतनी बड़ी रकम का पता केवल शुरुआती जांच में ही चला है और उम्मीद जताई जा रही है कि आगे की जांच में बड़े घोटाले का भी खुलासा हो सकता है।

इस संबंध में बीते बृहस्पतिवार को आयकर विभाग ने एक आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर सूचना दी। इसके मुताबिक, "एक प्रमुख व्यक्ति (चंद्रबाबू नायडू क्योंकि इनके पूर्व निजी सचिव के ठिकानों पर छापेमारी की गई) के पूर्व निजी सचिव समेत उनके नजदीकियों (तीन इंफ्रा कंपनियों के) के ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया गया और कई आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए गए।"

इन तीन कंपनियों में से एक कडपा तेलूगु देशम नेता श्रीनिवास रेड्डी की आरके इंफ्रा कॉर्प है, जो नायडू के बेटे और पार्टी के महासचिव नारा लोकेश के नजदीकी हैं और इनके यहां भी छापेमारी की गई। आयकर विभाग के अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि पार्टी के कई दिग्गज नेताओं और उनके इस नजदीकी व्यक्ति के बीच किए गए जानकारियों के लेनदेन ने विभाग को बड़ी जानकारी मिली।

Updated on:
19 Feb 2020 03:04 pm
Published on:
19 Feb 2020 02:52 pm
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