
नई दिल्ली. इंडियन एयरफोर्स के मार्शल और पूर्व वायुसेना अध्यक्ष अर्जन सिंह का अर्जन सिंह का अंतिम संस्कार रविवार को किया जाएगा। अंतिम संस्कार पूरे राजकीय एव सैन्य सम्मान के साथ होगा। अंतिम दर्शन के लिए अर्जन सिंह का शव दिल्ली स्थित उनके घर पर रखा गया है। 98 वर्षीय अर्जन सिंह को शनिवार की सुबह हार्ट अटैक आने के बाद उन्हें दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां शनिवार रात को उनका निधन हो गया। पूर्व वायुसेना अध्यक्ष अर्जन सिंह के सम्मान शोकाभिव्यक्ति स्वरूप रविवार को दिल्ली में राष्ट्रीय ध्वज आधे झुके रहेंगे।
इससे पूर्व शनिवार को ही प्रधानमंत्री मोदी और रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने रिसर्च एंड रेफरल अस्पताल जाकर एयरफोर्स मार्शल से मुलाकात की एवं चिकित्सकों और परिवार के लोगों से उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली थी। शनिवार शाम को एयर मार्शल अर्जन सिंह का निधन हो जाने पर पीएम मोदी ने भी उनके सम्मान में ट्वीट कर शोक व्यक्त किया था। पीएम मोदी ने ट्वीट कर कहा कि 1965 के भारत-पाक युद्ध के समय भारतीय वायुसेना ने उनके नेतृत्व में मजबूती से कार्रवाई की थी। उनके दमदार नेतृत्व को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने ट्वीट किया कि भारत एयरफोर्स मार्शल अर्जन सिंह के दुभाग्र्यपूर्ण निधन पर शोक जताता है। हम राष्ट्र के प्रति उनकी उत्कृष्ट सेवा को याद करते हैं। मोदी ने ट्विटर पर मार्शल अर्जन सिंह से जुड़ी तस्वीरें शेयर कर उन्हें श्रद्धांजलि दी थी।
बता देें कि अर्जन सिंह ने 1965 में पाकिस्तान के साथ हुई जंग में अहम भूमिका निभाई थी। वह भारतीय वायुसेना के अध्यक्ष बनने वाले सबसे कम उम्र के अधिकारी भी थे। 98 साल के मार्शल ऑफ इंडियन एयरफोर्स अर्जन सिंह भारत के ऐसे तीसरे सैन्य अधिकारी थे जिन्हें 2002 में राष्ट्रपति भवन में 85 साल की आयु में मार्शल ऑफ इंडियन एयरफोर्स का सम्मान दिया गया। उनके अलावा 1971 की जंग के नायक एसएचएफ जे मानेकशा और भारत के पहले थल सेनाध्यक्ष के एम करियप्पा को फाइव स्टार रैंक से सम्मानित किया गया है। इन दोनों सैन्य अधिकारियों को फील्ड मार्शल रैंक मिला है।