
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को एक याचिका पर सुनवाई के बाद विधायकों और सांसदों की सदस्यता रद्द घोषित करने को लेकर किसी भी तरह का आदेश केंद्र सरकार को जारी करने से इनकार कर दिया है। एक याचिका पर सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने ये टिप्पणी की है। याचिका के जरिए सुप्रीम कोर्ट से उन सांसदों व विधायकों की सदस्यता को रद्द करने का अनुरोध किया गया था, जिनके खिलाफ पांच या अधिक वर्षों के कारावास की सजा के लिए एक वर्ष से अधिक समय से चार्जशीट दाखिल है।
कुणाल कामरा का माफी मांगने से इनकार
वहीं, एक अन्य मामले में स्टैंडअप कॉमेडियन कुणाल कामरा ने अपने ख़िलाफ़ सुप्रीम कोर्ट की अवमानना का मामला दर्ज होने के बाद दो दिन पहले देश के अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल के नाम एक संदेश जारी किया था। कुणाल कामरा ने अपने ट्विट में बताया था कि वो इस मामले में न तो माफ़ी मांगेंगे और न ही अदालत में अपना पक्ष रखने के लिए कोई वकील नियुक्त करेंगे। बता दें कि अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने ही सुप्रीम कोर्ट के ख़िलाफ़ कथित अपमानजनक ट्विट के लिए उन पर न्यायालय की अवमानना का मामला चलाने की इजाजत दी थी।