Delhi NCR के कारोबारियों को हुआ हजारों करोड़ का नुकसान। विवाद समाधान एक बार फिर अधर में लटका।
नई दिल्ली। केंद्र सरकार और किसान संगठनों के बीच शुक्रवार को 11वें दौर की बातचीत 12 बजे विज्ञान भवन में होगी। बैठक के पहले किसान संगठनों की ओ से दबाव बढ़ाने के लिए यह चेतावनी दी गई है कि वे 26 जनवरी को लाल किला से इंडिया गेट तक ट्रैक्टर रैली निकालेंगे। किसानों के इस रुख से विवाद समाधान का मामला एक बार फिर अधर में लटक गया है।
50 हजार करोड़ के नुकसान का दावा
इस बीच खुदरा व्यापारियों के संगठन कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स कैट ने कहा है कि दिल्ली और एनसीआर क्षेत्र में किसानों के आंदोलन से व्यापारियों को लगभग 50 हजार करोड़ रुपए के कारोबार का नुकसान हुआ है। कैट ने कहा है कि प्रस्तावित संयुक्त समिति में व्यापारियों को भी रखा जाए। नए कृषि कानूनों से व्यापारियों के हित भी जुड़े हैं।
बता दें कि किसान संगठनों के नेता तीनों नए कृषि कानूनों की वापसी की जिद पर अड़े हैं। एमएसपी को कानून का हिस्सा बनाने की मांग कर रहे हैं। सरकार का कहना है कि इन नए कृषि कानूनों के जरिए निवेश के अवसर खुलेंगे और किसानों की आमदनी बढ़ेगी।