
नई दिल्ली। भारत में बोइंग 737 मैक्स की उड़ान बंद किए जाने के तीसरे दिन भी यात्रियों की असुविधा कम नहीं हुई। विशेषज्ञों का कहना है कि जल्दी स्थिति में सुधार की उम्मीद कम ही है। स्थिति सामान्य होने में दो से तीन हफ्ते का समय लग सकता है। व्यस्त रुटों पर बढ़े हुए किरायों में भी कमी नहीं हो रही।
नागरिक विमानन क्षेत्र के जानकार हर्षवर्धन ने ‘पत्रिका’ से बातचीत में बताया कि बोइंग 737 मैक्स को बंद किए जाने से पैदा हालात के तुरंत बदलने की संभावना इसलिए भी नहीं क्योंकि कई कारणों से पहले ही उड़ानों की कमी बनी हुई थी। अन्य विमानन कंपनियां भी अभी इस स्थिति में नहीं हैं कि इस स्थिति से निपटने के लिए तत्काल अतिरिक्त संख्या में उड़ानें उपलब्ध करवा सकें।
यात्रियों की परेशानी बढ़ाएंगे ये चार कारण
- पिछले कुछ समय से गो एयर के कुछ विमान ठप्प हैं।
- एयर इंडिया के कुछ विमान इंजन और स्पेयर पार्टस की कमी की वजह से उड़ने की हालात में नहीं हैं।
- इंडिगो पायलटों की कमी से जूझ रहा है।
- जेट ने पहले से ही अपने पांच बोईंग का परिचालन बंद कर रखा है।
यात्रियों को नया विकल्प
विमानन कम्पनी स्पाईजेट ने रद्द उड़ानों के यात्रियों की सुविधा के लिए उन्हें नई यात्रा का चयन करने के लिए छूट दी है। ऐसे मौके पर एक सप्ताह के अंदर ही दूसरी तारीख का चयन करना होता था, लेकिन इसने यह प्रतिबंध हटा दिया है। साथ ही यात्रियों के लिए रिफंड का विकल्प भी खुला होगा।
बजट होटल भी प्रभावित
ताजा स्थिति का असर बजट होटलों पर भी पड़ा है। दिल्ली के पहाड़गंज होटल एसोशिएसन के पूर्व महासचिव पवन मित्तल ने बताया कि पिछले तीन दिनों के दौरान यहां के होटलों में बड़ी संख्या में बुकिंग रद्द हुई हैं, जो समान्य से बहुत अधिक है। इसकी वजह पिछले दिनों विमानों की लगभग १२००० टिकटें रद्द होना है।