
नई दिल्ली। कृषि कानूनों को रद करवाने की मांग लेकर बैठे किसानों की हालत लगातार बिगड़ रही है। किसान पहले दिन से तीनों कृषि कानून रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं और अब 12 दिसंबर को देशभर के टोल नाकाओं को फ्री करने की तैयारी में हैं। इनसब के बीच भारतीय किसान यूनियन के राकेश टिकैत (Rakesh Tikait) ने आंदोलन को लेकर बड़ा बयान दिया है।
उन्होंने कहा है कि सरकार के पास आंदोलन खत्म करने के केवल दो रास्ते हैं। पहला रास्ता ये है कि सरकार कानून को वापस ले। अगर ये नहीं कर सकती तो दूसरा रास्ता ये है कि हमें गोली मार दे। उन्होंने आगे कहा कि फिलहाल इसके अलावा कोई बीच का रास्ता नहीं लेकिन जब होगा तो उसके बारे में बता दिया जाएगा।
राकेश ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि भारतीय किसान यूनियन ने गाजीपुर बॉर्डर को सील किया हुआ है और ये सरकार द्वारा मांगों को मान लेने के बाद सबसे आखिर में ही खाली होगा। सरकार से समझौता होने के भी 4 घंटे बाद ही सड़क खाली कर देगें।
बता दें कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन को किसान और तेज करने वाले हैं। किसान पहले दिन से तीनों कृषि कानून रद्द करने की मांग पर अड़े हुए हैं। लेकिन अभी तक सरकार ने उनकी कोई बात नहीं मानी है। ऐसे में किसानों ने 12 दिसंबर को देशभर के टोल नाकाओं को फ्री करने की तैयारी में है।
इसके अलावा 14 दिसंबर को देशभर में बीजेपी नेताओं के घेराव से लेकर जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन की योजना भी बनाई गई है। मिली जानकारी के मुताबिक कई किसान संगठनों ने 12 दिसंबर से दिल्ली की घेराबंदी बढाने की चेतावनी भी दे दी है।