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Uttarakhand Tragedy: तपोवन की सुरंग में जारी रेस्क्यू ऑपरेशन, 35 लोगों की जिंदगी बचाने की आखिरी आस

Uttarakhand Tragedy तपोपन की सुरंग में जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन करीब 35 लोगों के अब भी फंसे होने की आशंका कीचड़ बना रेस्क्यू टीम के लिए बड़ी बाधा

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Feb 09, 2021
तपोवन सुरंग में चल रहा रेस्क्यू ऑपरेशन

नई दिल्ली। उत्तराखंड के चमोली में ग्लेशियर टूटने ( Uttarakhand Tragedy ) से मची तबाही में अब तक 36 लोगों की मौत हो चुकी है। जबकि 170 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। इस बीच तपोवन की साढ़े तीन किलोमीटर लंबी सुरंग में अभी भी करीब 35 लोगोंके फंसे होने की बात सामने आ रही है। यही वजह है कि इन लोगों की जिंदगी बचाने के लिए इस सुरंग में रेस्क्यू ऑपरेशन जारी है।

दरअसल आईटीबीपी (ITBP), एनडीआरएफ (NDRF), एसडीआरएफ (SDRF) और उत्तराखंड पुलिस की संयुक्त टीम इस सुरंग में 100 मीटर अंदर तक पहुंच चुकी है, लेकिन आगे कचरे का अंबार है। सुरंग में कई टन कीचड़ भरा हुआ है। रेस्क्यू टीम के आगे सबसे बड़ी बाधा कीचड़ बना हुआ है।

सीएम त्रिवेंद्र रावत के मुताबिक करीब 50 मीटर तक कचरा और है। ऐसे में रेस्क्यू टीम इस बाधा को पार कर जाती है तो हमें कुछ अच्छी खबर मिल सकती है।

एनटीसीपी के विशेषज्ञों ने बताया है कि ये सुरंग एक किलोमीटर से ज्यादा लंबी है और सुरंग के अंदर कई रास्ते हैं। आकलन किया गया है कि सैलाब का मलबा ज्यादा से ज्यादा 200 मीटर तक अंदर गया है। इसमें से आधा रास्ता टीम साफ कर चुकी है। करीब 50 मीटर और पार हो जाता है, बेहतर स्थिति तक पहुंच जाएंगे।

आपको बता दें कि सैलाब ने सबसे ज्यादा नुकसान एनटीपीसी के पावर प्रोजेक्ट को पहुंचाया है। ये पावर प्रोजेक्ट तपोवन में बन रहा है और वहां दो टनल यानी सुरंगों का काम बड़े ही जोर शोर से चल रहा है, लेकिन ग्लेशियर टूटने के बाद जब 350 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जो पानी यहां पहुंचा, तो सुरंगों में कीचड़ भर गया।

Published on:
09 Feb 2021 07:50 am
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