Prasanta Mahato ने कहा - Naxalite organization की गतिविधियों को संचालित करने के दौरान गलती का अहसास हुआ। Mainstream में लौटने के बाद से पूरी तरह भारतीय संविधान ( Indian Constitution ) के नियमों को पालन करता हूं।
नई दिल्ली। देश के अन्य हिस्सों की तरह पश्चिम बंगाल ( West Bengal ) के नक्सलियों का भी मन बदलने लगा है। इसका ताजा मामला 74वें स्वतंत्रता दिवस ( Independence Day ) पर पश्चिम बंगाल के मिदनापुर ( Midnaour ) में दुखने को मिला। मिदनापुर में एक दुर्दांत व पूर्व नक्सली नेता ( Naxal leader ) प्रसंता महतो ( Prasanta Mehto ) ने केवल स्वतंत्रता दिवस पर झंडा पहराया बल्कि राष्ट्रगान (National anthem ) भी गाया। उसके बाद उसने बच्चों के बीच मिठाइयां भी बांटी।
पहले फहराता था काला झंडा
कार्यक्रम में शामिल होने के बाद मीडिया से बातचीत में नक्सली नेता प्रसंता महतो ( Naxal leader Prasanta Mehto ) ने कहा कि पहले वो एक काला झंडा ( Black Flag ) फहराया करते थे। लेकिन जल्द ही उन्हें इस बात का एहसास हुआ कि वो गलत रास्ते पर हैं। इसके बाद उन्होंने भारतीय संविधान का पालन करना शुरू कर दिया।
प्रसंता महतो ने बताया कि पहले मैं नक्सली संगठन ( Naxalite organization ) में था। मैंने इस क्षेत्र में भीमपुर से मधुपुर तक नक्सली गतिविधियों को संचालित किया। हम इस पूरे इलाके में काले झंडे फहराते थे। हमें तब अपनी गलती का एहसास हुआ।
आपको बता शनिवार को देशभर में 74वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया गया। इस बार पूरे देश तरह कोविद-19 ( Covid-19 ) के चलते पश्चिम बंगाल में भी स्वतंत्रता दिवस समारोह सादगी से मनाया गया। कोलकाता के रेड रोड पर आयोजित एक सरकारी समारोह में सीएम ममता बनर्जी ( CM Mamata Banerjee ) ने तिरंगा झंडा ( Tricolour ) फहराया और पश्चिम बंगाल पुलिस के विभिन्न दस्तों के सलामी गारद का परीक्षण किया।